चंदौली जिले के जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल चंदौली जिले के 100 सरकारी स्कूलों को शानदार टैबलेट देकर हाईटेक बनाने की पहल शुरू की है। माना जा रहा है कि इन स्कूलों में इससे बच्चों को नई नई जानकारियों से अवगत कराया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कृषि विज्ञान केन्द्र के सभागार में जनपद के 100 परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को जागरूकता करने के लिए शिक्षकों को टैबलेट का वितरण किया। जिलाधिकारी ने शिक्षकों से कहा कि महत्वाकांक्षी जनपद घोषित होने पर शिक्षा क्षेत्र में हाईटेक/डिजीटल कार्य करने की जरूरत है। अपने विद्यालयों के बच्चों को इस टैबलेट के माध्यम से शिक्षा प्रदान कराना सुनिश्चित करें। उन्हें भी इसे प्रयोग कराना सिखाएं।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के 100 परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की समझ विकसित करते के उद्देश्य से पहले चरण में हर ब्लाक के चुनिंदा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में टैबलेट का वितरण किया गया। कहा कि नीति आयोग के साथ कार्य कर रही संस्था हैसलफ्रे द्वारा प्रदत्त टैबलेट शिक्षकों में वितरित किया गया।

भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिक मंत्रालय द्वारा चलायी जा रही नेशनल मिशन फाॅर इण्टर डिसिपलिनरी साइबर फिजिकल सिस्टम कार्यक्रम के तहत जनपद के कक्षा 6 से 8 तक के अध्ययनरत छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस रोबेाटिक लर्निंग सिस्टम के माध्यम से बच्चों की समझ नींव का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम के तहत जनपद के 100 उच्च विद्यालयों के 100 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। विद्यालयों में टैबलेट के माध्यम से बच्चों द्वारा किये जा रहे अध्ययन का रिपोर्टिग प्रारूप प्रशिक्षण के समय संस्था द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा।

वितरण के बाद टैबलेट में स्थापित अध्ययन सामग्री के प्रयोग करने के तरीके का प्रशिक्षण हैसलफ्रे फाउण्डेशन के राज्य समन्वयक अनिरूद्ध कुमार द्विवेदी के निर्देश पर ज्योत प्रकाश एवं विपिन शर्मा ने प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री भोलेन्द्र प्रताप सिंह एवं ब्लाक के समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी, समस्त जिला समन्वयक उपस्थित रहें।