चंदौली जिले में जब दो माह से चल रहे लॉकडाउन के बाद रियायत मिली तो दुकानदारों ने नियम कानून तोड़ना शुरू कर दिया। चेतावनी के बाद भी कोई मान नहीं रहा है। कोई दुकान का आधा शटर उठाकर सामान बेच रहा तो कोई ग्राहकों को अंदर कर शटर गिराए था। ऐसे में पुलिस ने कार्रवाई करने का मन बना लिया है।

गुरुवार को स्थानीय पुलिस ने जांच अभियान चलाया तो 14 ऐसी दुकानें मिलीं, जो मनमाने तरीके से खुलीं थीं। पुलिस ने सभी दुकानों का चालान कर दिया। उनके खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

चंदौली नगर में एक सप्ताह पूर्व 22 दुकान संचालकों पर कार्रवाई हुई थी। इससे पुलिस का इकबाल बुलंद हुआ, लेकिन समय बीतने के साथ दुकानदार सब भूल गए। गुरुवार को रोस्टर के मुताबिक जिन दुकानों को खोलने की मनाही है वे सुबह सात बजे ही खुल गई थीं। रोस्टर से इतर ऐसी दर्जनों दुकानें खुलीं थीं, लेकिन पुलिस टीम के पहुंचते ही दुकानें धड़ाधड़ बंद होने लगीं।

पुलिसकर्मियों ने 14 दुकानों के शटर खुलवाए तो अंदर ग्राहक मौजूद मिले, ग्राहक झुंड में खड़े मिले, किसी के पास मास्क भी नहीं था। इस पर सभी के खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं एक दर्जन दुकानों के नाम, पता नोट किए। इनको चेतावनी पत्र जारी किया गया कि रोस्टर के इतर दुकानें खुली तो सीधे कार्रवाई की जाएगी। अचानक पुलिस की कार्रवाई से पूरे नगर में खलबली मची रही। लोग एक दूसरे से यह जानने की कोशिश करते रहे कि कितना जुर्माना हुआ है। इसके लिए पुलिस और क्या कार्रवाई करेगी।

इंस्पेक्टर गोपाल गुप्ता ने कहा जिन दुकानों के चालान हुए हैं, उन्हें जुर्माना भरना होगा, उनके खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। कई बार चेतावनी देने के बाद भी दुकानदार नहीं मान रहे थे। अन्य दुकानदारों के नाम, पते भी नोट किए गए हैं। नियम के विपरीत दुकान खोलेंगे, तो सीधे थाने से ही कार्रवाई होगी।