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नामांकन का पर्चा खरीद कर चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाये 414 उम्मीदवार

tds_top_like_showtds_top_like_showtds_top_like_showtds_top_like_showtds_top_like_show चंदौली जिले में पंचायत चुनाव में उठा-पटक और आपसी खींचतान चलती रहती है। कब बाजी किधर पलट जाए, कहा नहीं जा सकता। ऐसे में कई लोग चुनावी मैदान में उतरने का मंसूबा तो पाल लेते हैं लेकिन एन वक्त पर पीछे हटना पड़ता है। कुछ ऐसी ही स्थिति ब्लाक के कई ग्राम पंचायतों की है।
 
नामांकन का पर्चा खरीद कर चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाये 414 उम्मीदवार

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चंदौली जिले में पंचायत चुनाव में उठा-पटक और आपसी खींचतान चलती रहती है। कब बाजी किधर पलट जाए, कहा नहीं जा सकता। ऐसे में कई लोग चुनावी मैदान में उतरने का मंसूबा तो पाल लेते हैं लेकिन एन वक्त पर पीछे हटना पड़ता है। कुछ ऐसी ही स्थिति ब्लाक के कई ग्राम पंचायतों की है। नामांकन पत्र खरीदने के बावजूद 414उम्मीदवारों ने दावेदारी ही नहीं की।

बताते चले कि विकास क्षेत्र की 13 न्याय पंचायतों में 89 प्रधान पद के लिए 770 नामांकन पत्रों की बिक्री हुई थी। इसमें 650 लोगों ने ही नामांकन पत्र दाखिल किया। 120 लोगों ने नामांकन पत्र जमा नहीं किया।

इसी तरह की स्थिति क्षेत्र पंचायत सदस्य की रही। 88 पद के लिए 713 नामांकन किया और 489 लोगों ने नामांकन पत्र तो लिया लेकिन ब्लाक में जमा नहीं किया। इसमें 224 ने ही चुनाव लड़ने की दावेदारी पेश की।

ग्राम पंचायत सदस्य के 1053 पदों के लिए 946 नामांकन पत्रों में 873 ने जमा किए। 70 लोगों ने पर्चा दाखिल नहीं किया। माना जा रहा कि गांव की सियासी परिस्थिति और मतदाताओं का रुझान देखने के बाद ऐसे लोगों ने चुनाव से हाथ पीछे खींच लिए।

प्रधान पद के लिए सबसे अधिक दावेदारी

ज्यादातर ग्राम पंचायतों में एक दर्जन उम्मीदवार दावेदारी कर रहे हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए भी कम मारामारी नहीं है। इस पद के लिए भी ग्राम पंचायतों में कहीं तीन तो कहीं सात उम्मीदवार मैदान में हैं।

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