चंदौली गाजियाबाद जिले के मोदीनगर पेपर मिल के चार मालिकों ने नगर के कोल व्यवसाई सुभाष तुलस्यान के साथ 68.64 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। इस मामले में अभी तक पुलिस ने केवल मुख्य आरोपित को गिरफ्तार किया है जबकि अन्य तीन आरोपित खुलेआम घूम रहे। सभी आरोपितों के वाराणसी में होने की पुष्टि हुई है। आरोपितों पर कार्रवाई न होने से कोल व्यापारियों में आक्रोश है।

रविवार को प्रगतिशील कोयला व्यापारी कल्याणकारी संस्था के अध्यक्ष धनराज यादव ने चंधासी में प्रेसवार्ता कर मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपित अनुभव गुप्ता को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया लेकिन अभी तीन अन्य मालिक विकास गुप्ता, मनीष जैन व रघुवेंद्र की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इन पर कई कोल व्यापारियों का पैसा गबन करने का आरोप लगा है। फरार चल रहे पेपर मिल मालिक अपने गिरफ्तार साथी की जमानत कराने की जुगत में लगे हुए हैं।

बताया जा रहा है कि 68.64 लाख का कोयला उक्त पेपर मिल मालिक को बेचा था। माल के साथ बिल और बिल्टी भी लगाई थी लेकिन अभिलेखों में हेराफेरी कर पैसे को हजम कर लिया गया। इस बाबत मोदीनगर में इनके खिलाफ कई धोखाधड़ी के मामले भी चल रहे हैं। पेपर मिल मालिकों के इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश तब हुआ जब इनके खिलाफ बीते पांच मई को आइडिया सेल्स एजेंसी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से धोखाधड़ी समेत अन्य मामलों में मुकदमा दर्ज कराया गया।

पीड़ित ने पुलिस व न्यायालय का सहारा लिया और विभिन्न धाराओं में सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। न्यायालय की ओर से जारी नोटिस के बाद भी जब आरोपित प्रस्तुत नहीं हुए तो इन सभी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ। इसके बाद पुलिस ने अभिनव गुप्ता को मोदीनगर से गिरफ्तार किया।