चंदौली जिले के पुलिस अधीक्षक ने बलुआ थाना क्षेत्र में 20 जुलाई की रात में हुई एक भट्ठे के मुंशी की हत्या के मामले में दो हत्यारों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करने का दावा किया है। हत्या के कारणों का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पैसे के लेनदेन में हेरा फेरी के चलते यह हत्या की गई है।

पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल ने प्रेस कांफ्रेंस करके बताया गया कि पकड़े गए आरोपियों के नाम करीमन वनवासी पुत्र राजेंद्र वनवासी और रामचंद्र वनवासी पुत्र मुंशी वनवासी बताया जा रहा है। दोनों चंदौली जिले के ही रहने वाले हैं और उसी ईंट भट्टे पर ईंट की पथाई का काम करते थे।

पुलिस अधीक्षक ने मामले के खुलासे के बाद बताया कि अभियुक्त करीमन वनवासी द्वारा बताया गया कि वह इस भट्टे पर अपने पिता व रिश्तेदार के साथ ही ईंट पथाई का काम करता था, जिनमें प्रतिदिन प्रत्येक मजदूर को 1000 प्रति हजार ईंट की पथाई का 50 रुपए कमीशन का भुगतान किया जाता था। पर मुंशी घालमेल करके केवल पांच रुपए ही कमीशन देता था। उल्टे वह करीमन के ऊपर 23000 उसके पिता के ऊपर ₹5000 की देनदारी बताने लगा था। जिसको चुकता करने के लिए दबाव भी बना रहा था।

इस मामले के बाद ईंट भट्ठा मालिक, मैनेजर और मुंशी के बीच आपस में कुछ करार भी हुआ था और पैसा चुकान के लिए कहा गया। उसी से नाराज हत्यारोपियों ने हत्या करने का प्लान बनाया। दोनों ने मिलकर देर की रात में पहले शराब पी और फिर ईंट के भट्टे पर आकर के ईंट से सिर कूचकर हत्या कर दी।

पकड़े गए दोनों युवक रिश्ते में जीजा और साले बताए जाते हैं। पुलिस ने इनके पास से तक मुंशी का टार्च और खून से लथपथ कपड़ों के साथ-साथ घटना में प्रयोग की गयी साइकिल को भी बरामद कर लिया है।