श्री श्री 1008 स्वामी भोलानंद जी परमहंस महाराज की मनाई गई 35 वीं पुण्यतिथि

चंदौली जिले के सकलडीहा क्षेत्र के बहरवानी गांव स्थित आत्मअनुसंधान केंद्र कल्याणपुरी में सद्गुरू श्री श्री 1008 स्वामी भोलानंद जी परमहंस महाराज की 35 वीं पुण्यतिथि मनाई गई।

इस अवसर पर आत्म अनुसंधान केंद्र कल्याणपुरी में मेले का माहौल रहा। दूरदराज से हजारों की संख्या में भक्त वहां पहुंचकर गुरु के समाधि पर दर्शन पूजन किए।

इस अवसर पर भक्तों को संबोधित करते हुए परमहंस धर्मात्मानंद जी महाराज ने कहा कि गुरु अविनाशी सत्ता है जिस सच्चिदानंद का वर्णन संतो ने काव्य एवं सद ग्रंथों में किया है। वह अविनाशी परम पद सारस्वत परमधाम श्री गुरु द्वारा उपदेश पर चलने से ही मिलता है।

उन्होंने कहा कि कलयुग में जीव के कल्याण के लिए सतनाम का जप एवं स्वरूप का ध्यान ही एकमात्र उपाय है।

तुम ते अधिक गुरुही जिया जानी, सकल भाव सेवहि सलमानी’

अर्थात, गोविंद से अधिक गुरु को जानना मानना चाहिए और संपूर्ण भाव से गुरु की सेवा और सम्मान करना चाहिए।

गुरु महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर दूर-दराज से हजारों की संख्या में भक्तों ने आकर भजन कीर्तन का आनंद लेते हुए प्रसाद भी चखा।