जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का सर्वेश कुशवाहा का सपना चकनाचूर, हारा विधायक का भतीजा

चंदौली जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के जिला पंचायत सदस्य के चुनाव ने कई दिग्गजों के अरमानों पर पानी फेर दिया है । चहनियां ब्लाक की जनता ने अच्छे अच्छे को धूल चटाटे हुए आम नेताओं को फर्श अर्स पर पॅहुचा दिया।

बताते चले कि चंदौली जिले के भाजपा के दिग्गज नेता व पूर्व जिलाध्यक्ष के जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के अरमानों पर जनता ने पानी फेर दिया। सर्वेश कुशवाहा चहनियां ब्लाक के सेक्टर नम्बर 2 से जिला पंचायत सदस्य के सेक्टर नम्बर 2 के प्रत्याशी रहे, लेकिन चुनाव परिणाम में जनता ने उन्हें जमीन पर लाकर पटक दिया। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष को लगभग 1300 वोटों से रविंद्र यादव ने पराजित कर दिया।

जहां, भाजपा के यहाँ से हारने पर सपा में खुशी रही वही, समाजवादी पार्टी के सकलडीहा विधायक प्रभुनारायम सिंह यादव के चहनियां ब्लाक के सेक्टर नम्बर तीन से चुनाव लड़ रहे भतीजे विकाश यादव को भाजपा का सामान्य कार्यकर्ता गोपाल सिंह ने भारी मतों से शिकस्त कर दिया है। सपा विधायक पर यह हार भारी पड़ा है।

वही सेक्टर नंबर एक से चुनाव लड़ रही भाजपा की अल्पसंख्यक नेता शायराबानो को जनता ने सर आंखों पर बिठाकर भारी मतों से विजयी बनाया। चहनियां ब्लाक की जनता ने अच्छे-अच्छे दिग्गजों को धूल चटाते हुए आम कार्यकर्ता को फर्श से अर्श तक पहुंचाया है। जहाँ भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सर्वेश कुशवाहा को जिताने के लिए पूरी पार्टी जुटी रही। वहीं सपा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव भी अपने भाई के लड़के को जिताने के लिए एड़ी चोटी लगाए थे लेकिन एक भी नही चली।

इसके अलावा सकलडीहा ब्लॉक से ही जिला पंचायत का चुनाव लड़ रहे पूर्व सांसद रामकिशन यादव के भतीजे ने तमाम विरोधियों के बाद जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीत लिया है। उसने बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी को हराया है। जबकि समाजवादी पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहा। इसके साथ ही साथ चंदौली जिले की सदर ब्लाक में समाजवादी पार्टी से टिकट ना मिलने के कारण बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर एक बार फिर जिला पंचायत सदस्य बनने की कोशिश में जुटे अशोक तिवारी उर्फ छोटू गुरु भी चुनाव नहीं जीत सके । लोगों ने उन्हें अबकी बार निराश किया है । इसके पहले वह दो बार जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हो चुके थे, लेकिन अबकी बार समाजवादी पार्टी से टिकट कटने के बाद जब उन्होंने पाला बदला तो जनता ने उन्हें नकार दिया।