बेरोजगार दिवस पर युवाओं ने निकाला कैंडल मार्च, मोदी सरकार की नीतियों के विरुद्ध लगाए नारे

चंदौली जिले के इलिया इलाके में भारतीय बेरोजगार दिवस के अवसर पर युवाओं ने गुरुवार की शाम कैंडल मार्च निकाला और भाजपा सरकार के नीतियों के विरोध में नारे लगाए। कैंडल मार्च बरहुआ गांव से होते हुए सैदूपुर, सरैया, बसाढ़ी, खरौझा गांव तक पहुंचा। इस दौरान युवा हाथों में तख्तियां लिए नारे लगाते चल रहे थे।

कैंडल मार्च के दौरान निजीकरण बंद करो, भर्ती प्रक्रिया बहाल करो, संविदा हटाओ देश बचाओ, बेरोजगारों को रोजगार दो, जुमला बाजी बंद करो आदि नारे लगाते चल रहे थे। कैंडल मार्च वापस लौट कर खरौझा सहकारी समिति पहुंचा। जहां नुक्कड़ सभा के रूप में वक्ताओं ने कहा कि अच्छे दिन का सपना दिखाने वाली सरकार अब अच्छे दिन अलविदा कर 5 साल संविदा कर दी है। रोजगार की आस में दिन रात मेहनत करने वाले युवाओं का सपना चकनाचूर हो गया है।

 

लोगों ने कहा कि सरकारी कल-कारखाना, संपत्तियां, निजीकरण में तब्दील हो रही हैं। सभी विभागों की भर्ती प्रक्रिया बंद पड़ी हुई है। देशभर में चारों ओर बेरोजगारी का बोलबाला हो गया है। अच्छे दिन का सपना दिखाकर सत्ता में आई इस सरकार को उखाड़ फेंकना ही एकमात्र विकल्प है। आज हम सभी युवा यह संकल्प लेते हैं कि भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार को उखाड़ फेंक देंगे, नहीं तो वह दिन दूर नहीं जब देश का युवा वर्ग रोटी रोटी के लिए मोहताज होगा।

 

इस दौरान प्यारेलाल जयसवाल, श्रीकांत कुशवाहा, अभिषेक बहेलिया, शैलेश मौर्य, उमेश, इलियास, कल्लू ,मनोज आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।