चंदासी स्थित कोलमंडी हटाए जाने के मिले संकेत, शुरू हो गयी कार्यवाही, जानें कैसे और क्यों..

चंदौली जिले के मुगलसराय क्षेत्र के चंदासी स्थित कोलमंडी के चलते हो रहे वायु प्रदूषण की शिकायत पर जांच के बाद विभाग ने आबादी से दूर स्थानांतरित किये जाने की संस्तुति मुख्य पर्यावरण अधिकारी से की है। इसके साथ ही यहां सीसी रोड बनवाने के साथ पानी का छिड़काव व विंड ब्रेकिंग वॉल लगाये जाने के लिए भी कहा गया है।

बताया जा रहा है कि कोयला मंडी और आये दिन ट्रकों के जाम के चलते यहां का एक्यूआई काफी खराब हो गया है। नगर से पड़ाव जाने पर मंडी से गुजरने के दौरान राहगीरों का धूल और धुएं से बुरा हाल हो जाता है।

मुगलसराय के निवासी विकास शर्मा ने चंदासी स्थित कोलमंडी में उड़ने वाले कोयले के कण और उससे होने वाले वायु प्रदूषण के साथ लोगों की बिगड़ रही सेहत की शिकायत केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड से की थी। इसके बाद इसकी जांच क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दी गई।

मामले की जांच के बाद क्षेत्रीय अधिकारी कालिका सिंह ने एक विस्तृत रिपोर्ट बनाकर 17 फरवरी 2021 को मुख्य पर्यावरण अधिकारी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत मंडलायुक्त वाराणसी, सदस्य सचिव उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व जिलाधिकारी वाराणसी को भेजी है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 27 दिसंबर 2020 को गई जांच में पाया गया कि कोलमंडी में लगभग एक हजार ट्रकों का आवागमन होता है। यहां कोयले का भंडारण व विक्रय किया जाता है। ऐसे में ट्रकों के आगमन से क्षतिग्रस्त सड़कों पर जल छिड़काव नहीं किया जाता है। जिससे वातावरण प्रदूषित हो रहा है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वर्तमान में मंडी के आसपास काफी आबादी भी बस गई है। ऐसे में चंदासी कोल मंडी को आबादी से दूर स्थानांतरित किये जाने की संस्तुति की गई है।