चंदौली को विश्व परिदृश्य पर पर्यटन के दृष्टि से विकसित करने योजना, रोजगार के लिए भी होगा काम

इको टूरिज्म के माध्यम से चंदौली को विश्व परिदृश्य पर पर्यटन के दृष्टि से विकसित करने एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्र नौगढ़ को रोजगार देकर नक्सली गतिविधियों को दूर करने की मुहिम तेज हो गई है ।


चंदौली के नक्सल प्रभावित क्षेत्र के नौगढ़ स्थित राजदरी, देवदरी, लतीफ शाह जलप्रपात के साथ चंद्रकांता के किला को विकसित करने का कार्यक्रम प्रारंभ हो गया है। इस प्रक्रिया को मूर्त रूप देने के लिए प्रदेश के वन मंत्री दारा सिंह चौहान एवं मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी नौगढ़ के पर्यटन स्थल पर रात्रि प्रवास कर कार्यों का निरीक्षण किया और नौगढ़ के नक्सली गतिविधियों को समाप्त कर पर्यटन को किस तरह से और बेहतर बनाया जा सके इस पर चर्चा भी की गई।

इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी ने बताया कि चंदौली जनपद का मुख्य पर्यटक स्थल नक्सल प्रभावित क्षेत्र नौगढ़ में है।इस स्थल को ईको टूरिज्म के माध्यम से वाराणसी और चंदौली को एक साथ जोड़ते हुए जहां वाराणसी में धार्मिक स्थलों के साथ चंदौली के ऐतिहासिक धरोहर चंद्रकांता के किले सहित राज दरी, देव दरी एवं लतीफ साहब के जलप्रपात का भी आनंद विदेशियों को उठाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए पर्यटन स्थल पर प्रेक्षागृह,खेल स्थल,पार्क, रिसोर्ट सहित अन्य कार्य किए जाएंगे ताकि विदेशी सैलानी वाराणसी के आध्यात्मिक आनंद के साथ चंदौली के ऐतिहासिक धरोहरों की परख करें

देशी,विदेशी सैलानियों द्वारा नौगढ़ के गरीब जनता को जहाँ रोजगार मिलेगा वहीं अन्य गतिविधियों से दूर होकर मुख्यधारा में जुड़कर अपने साथ चन्दौली एवं सरकार के सहयोग में कार्य कर सकेंगे।


इस कार्य के लिए चार करोड़ रूपया निर्धारित किया गया है जिसमें दो करोड़ रूपया अवमुक्त कर दिया गया है और इसके लिए पर्यटन विभाग सहित निजी संस्था अक्टूबर से कार्य में लग गई है।2 वर्ष के अंदर कार्य पूरा कर पर्यटन की दृष्टि से चंदौली के नौगढ़ को पूरी तरह से तैयार कर दिया जाएगा।
नौगढ़ के जलप्रपातों के विकसित होने से जहां नक्सली गतिविधियां समाप्त होगी वही चंदौली भी अब विश्व के नक्शे पर चर्चित हो जाएगा और सरकार की आय भी बढ़ जाएगी।