सिविल बार एसोसिएशन के चुनाव में रणधीर सिंह अध्यक्ष व धनंजय बने महामंत्री

चंदौली जिले की सदर कचहरी में सिविल बार एसोसिएशन का वार्षिक चुनाव देर शाम सम्पन्न हुआ। इसमें पंजीकृत 901 मतदाताओं के सापेक्ष 666 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

इस दौरान अध्यक्ष पद पर रणधीर सिंह ने 383 मत पाकर अपने प्रतिद्वदी सुरेंद्र प्रताप सिंह को 107 वोट से करारी शिकस्त दी। वहीं महामंत्री पद की सीधी लड़ाई में धनंजय सिंह ने 354 मत पाकर प्रतिद्वंदी रामकृत को 45 वोट से हराया। इस दौरान समर्थकों ने ढोल-नगाड़े के साथ कचहरी परिसर में विजय जुलूस निकाला।

सिविल बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव के मद्देनजर सुबह 10 बजे मतदान की प्रक्रिया आरम्भ हुई। इस दौरान उम्मीदवारों के समर्थक मतदाताओं को अपने पक्ष में रिझाते नजर आए। यह सिलसिला शाम साढ़े चार बजे तक चला। इसके बाद मतगणना की प्रक्रिया पूर्ण की गई। चुनाव अधिकारियों ने मतगणना के बाद देर शाम तक परिणाम की घोषणा की।

इस दौरान अध्यक्ष पद पर रणधीर सिंह को 383 मत प्राप्त हुए। उन्होंने अपने प्रतिद्वदी सुरेंद्र प्रताप सिंह को 107 वोट से हराया। वहीं महामंत्री पद के उम्मीदवार धनंजय सिंह को 354 वोट मिले। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी रामकृत को 45 वोट से हराया।

निर्वाचन अधिकारियों ने वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेन्द्र श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष अनिल सिंह व उपाध्यक्ष संदीप सिंह यादव, कोषाध्यक्ष हरेंद्र प्रताप सिंह समेत सभी पदाधिकारियों की घोषणा की। इसके बाद कचहरी परिसर में जश्न का माहौल शुरू हो गया।

अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष रणधीर सिंह व महामंत्री धनंजय का माल्यार्पण कर जोरदार स्वागत किया। उधर, चुनाव के मद्देनजर कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए। एएसपी प्रेमचंद स्वयं मौजूद रखकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते नजर आए।

नवनिर्वाचित सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रणधीर सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा प्राथमिकता होगी। साथ ही जिला मुख्यालय पर दीवानी न्यायालय निर्माण समेत सभी सरकारी दफ्तरों को यथाशीघ्र स्थापित कराया जाएगा। यह कार्य इसमें सभी अधिवक्ता साथियों की सहयोग से किया जाएगा। कहा कि अधिवक्ता साथियों ने जो भरोसा जताया और नई जिम्मेदारी सौंपी है। उसका निर्वहन पूरी ईमानदारी से किया जाएगा।

इस अवसर पर शशिशंकर सिंह, चंद्रमौलि उपाध्याय, राजेंद्र तिवारी, वीरेंद्र प्रताप सिंह, अजय मौर्या, सत्य प्रकाश केशरी, उज्ज्वल सिंह, अजीत सिंह, रवि सिंह आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।