कोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखाने वाले चकिया कोतवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश

चंदौली जिले के न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश को अनसुना करना चकिया कोतवाल रहमतुल्लाह खान पर भारी पड़ गया है। इसके लिए न्यायिक दंडाधिकारी विपिन यादव ने शुक्रवार को कोतवाल के खिलाफ प्रकीर्ण वाद ( मिसलेनियस केस ) दर्ज करने का आदेश दिया। साथ ही 19 फरवरी 2020 को न्यायालय के आदेश का अनुपालन सात माह बाद भी नहीं किए जाने पर सख्त नाराजगी जाहिर की। न्यायालय के अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी देते हुए प्रकरण को उच्च न्यायालय को संदर्भित किए जाने का उल्लेख किया।

दरअसल न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने बीते फरवरी माह में लीलावती देवी नामक महिला की याचिका की सुनवाई की। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत सुनवाई के बाद न्यायालय ने 19 फरवरी को कोतवाल चकिया को लीलावती देवी बनाम विनय कुमार सिंह वगैरह के मामले में विनय कुमार सिंह वगैरह के विरुद्ध प्रथम दृष्टया संज्ञेय मामला पाते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया।

 

इसके बावजूद लंबे अंतराल के बाद भी कोतवाली में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। यही नहीं, प्रकरण को लेकर पीड़िता के प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने विभिन्न अवसरों पर प्रगति रिपोर्ट के साथ कोतवाल से आख्या तलब की। बावजूद इसके अदालत के आदेश का अनुपालन पुलिस द्वारा नहीं किया गया।

 

न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस की कार्यप्रणाली को घोर लापरवाही बताते हुए एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण देने का कोतवाल को निर्देश दिया है। आदेश की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक चंदौली को भी संदर्भित की गई है।