पुलिस व दलालों की बदौलत चलती है अवैध बालू मण्डी, थाने से लेकर चौकी तक का बधा है महीना

चंदौली जिले के चहनिया क्षेत्र के स्थानीय विकास खण्ड के मारूफपुर मे वहां के स्थानीय दलालों के चलते अबैध बालू मण्डी सडक के किनारे पुलिस की सहपर लगाया जाता है। यहां पर रोजना सैकडों ट्रैक्टर सुबह चार बजे से लेकर आकर लग जाते हैं। फिर उसे सैदपुर गंगा पार में बेचने का खेल किया जाता है।


ज्ञात हो कि चन्दौली व सैदराजा से रोजना सैकड़ों बोगा ट्रैक्टर अवैध तरीके से बालू लादकर सैदपुर वाराणसी जाते है । लोग कहते हैं कि मीडिया ताहते जितना लिख ले और लोग चाहे जितना परेशान हों यह बंद नहीं हो सकता है, क्योंकि इनकी यात्रा की पृष्ठभूमि स्वयं सत्ता पक्ष के नेताओं व प्रशासन के संरक्षण में हिस्सेदारी बांटकर लिखी जाती है। दोनों की मिली भगत से इस पूरे खेल का सक्रियता के साथ संचालन किया जाता है।

कहा जा रहा है कि इस तरह के ओवरलोड वाहन जब भी किसी थाने की एरिया से पास होते हैं। वह अपना महीना थाने से बांध लेते हैं। इस तरह से प्रत्येक थाने पर महीना बंध जाने पर सारा काम बेरोकटोक होता रहता है ।

अगर सूत्रों की माने तो प्रत्येक बोगा ट्रेक्टर से दो से तीन हजार रूपया महीना बांधा गया है । लगभग सत्तर से सौ ट्रैक्टर बोगा बालू रोजना इधर से गुजरती है । आप सबकी कमाई का अंदाजा लगा लीजिए। इसके चलते दुर्घटना भी बढती रहती है, लेकिन फिर भी जिला प्रशासन मौन साधे है, तो इसका क्या मतलब है ।

मारुफपुर में प्रत्येक ट्रैक्टर पर पांच सौ रूपये मण्डी लगाने के नाम पर लिया जाता है। दलाल सैदपुर थाना से लेकर मारूफपुर चौकी तक महीना व रोज की आय को बांटता है । इस तरह के लोगो के द्वारा ही लेन देन का काम किया जाता है कि खाकी को पाकसाफ रखा जाय और कभी कोई किसी कैमरे या ऑपरेशन में न पकड़ जाय।

इलाके में रहने वाले अजीत सिंह का कहना है कि जिला प्रशासन को इस तरह की समस्याओं से व ओवर लोड ट्रकों के बाबत हम लोगों ने कई बताया है लेकिन प्रशासनिक अमला खुद उसमें मिलीभगत कर लिया और मिल बांट कर इस धंधे को चलवा रहा है।

इसीलिए क्षेत्रीय लोगों ने मीडिया के माध्यम से जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया है ।