चंदौली जिले के सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल की ओर से नामित अधिकारियों की टीम ने पिछले दिनों जिला अस्पतालों के अलावा पीएचसी, सीएचसी और नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का एक साथ औचक निरीक्षण किया था।

बताया जा रहा है कि इस दौरान आधा दर्जन नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ताला बंद मिला था। वहीं कुल 49 डाक्टर लापता मिले। 85 स्वास्थ्य कर्मी भी अनुपस्थित पाए गए। डीएम ने अनुपस्थित सभी डाक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। कार्रवाई से स्वास्थ्य महकमे में हड़कम्प मचा है।

 

जिलाधिकारी की ओर से नामित अधिकारियों की टीम ने 9 जुलाई को कुल 32 अस्पतालों का निरीक्षण किया था। सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव ने संयुक्त चिकित्सालय चकिया में निरीक्षण किया था। एडीएम बच्चालाल ने पंडित कमलापति त्रिपाठी राजकीय अस्पताल में निरीक्षण किया। इसके अलावा अन्य अधिकारियों की टीम ने राजकीय महिला चिकित्सालय मुगलसराय, सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोगवारा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सकलडीहा व धानापुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नियामताबाद, बरहनी, शहाबगंज, रामपुर कला, इलिया और चहनियां, नगरीय स्वास्थ्य केंद्र मुगलसराय में निरीक्षण किया था। वहीं सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़, सीएचसी व पीएचसी चकिया, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमदहां, कटवामाफी, नवहीं, विशुनपुरा, मैढ़ी, सैयदराजा, पराहूपुर, महमूदपुर, नियामताबाद, नईबाजार, दरियापुर, भूपौली, जियनपुर, कमलापुर और हिंगुतरगढ़ का निरीक्षण किया था।

 

इस दौरान कुल 49 डाक्टर और 85 स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित पाए गए। वहीं आधा दर्जन नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ताला बंद मिला था। अधिकारियों की ओर से दिए गए रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने गायब सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है। साथ ही डाक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों को आदत में सुधार लाने की हिदायत दी।