चकिया क्षेत्र के बहुअरा गांव की डॉ सोनू SERB महिला उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित

कहा जाता है शिक्षा एक ऐसी विधा है जो लोगों को फर्श से अर्श पर पहुंचा देती है। अगर यह शिक्षा महिला के द्वारा सुशोभित होती है तो दो कुलों व परिवारों की ख्याति में चार चांद लग जाता है।

इसी तरह का वाक्य चकिया क्षेत्र के बहुअरा गांव के निवासी ओम प्रकाश त्रिपाठी की पुत्रबधू सोनू ने कर दिखाया है। ओमप्रकाश त्रिपाठी के पुत्र डॉ प्रेम प्रकाश त्रिपाठी की पत्नी डॉ सोनू को रविवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर एसईआरबी महिला उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार जैन संवेदक आधारित खोज एवं कार्यशील नैनो सामग्री का प्रयोग करते हुए प्रापक मध्यस्थ लक्ष्यों के विकास पर उनके अनुसंधान के लिए दिया गया है।

उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए वैज्ञानिकों को 3 वर्ष तक पांच लाख रुपये प्रति वर्ष दिया जाता है। यह पुरस्कार भारत सरकार के साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के मंत्री डॉ हर्षवर्धन के वर्चुअल मीटिंग के उपस्थिति में इनफॉरमेशनल साइंस सेंटर न्यू दिल्ली में साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड के तत्वाधान में साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के सेक्रेटरी आशुतोष शर्मा द्वारा दिया गया।

एसीईआरबी महिला उत्कृष्टता अवार्ड, उत्कृष्ट अनुसंधान हेतु युवा महिला वैज्ञानिकों को उनके नवीन शोध के लिए दिया जाता है। पुरस्कार पाने वाली डॉ प्रेम प्रकाश त्रिपाठी की पत्नी डॉ सोनू ने बीएससी अलीगढ़, एमएससी ग्वालियर तथा पीएचडी चंडीगढ़ से करते हुए शोध में इटली एवं वाशिंगटन यूएसए से भी रिटर्न है।

वर्तमान समय में एनआईएबी हैदराबाद में वैज्ञानिक के तौर पर कार्यरत हैं। इनके पति डॉ प्रेम प्रकाश त्रिपाठी भी कोलकाता में वैज्ञानिक है। जनपद की पुत्रवधू को राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर पुरस्कृत होने पर जहां परिवार एवं गांव में खुशी का माहौल है। वहीं जनपद के गौरव में चार चांद लग गया है।