तालाब पर अतिक्रमणकारियों की सक्रियता से अस्तित्व खतरे में, निगाह तहसीलदार पर

चंदौली जिले के शहाबगंज विकासखण्ड़ के सैदूपुर कस्बा स्थित प्राथमिक विद्यालय के समीप वर्षों पुराना तालाब पर अतिक्रमण का सिलसिला लगातार जारी है। जिससे तालाब का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। ग्रामीणों द्वारा शिकायत के बावजूद भी प्रशासन द्वारा अभी तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया। जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है। वही सैदूपुर के लोगों की उम्मीदें तहसीलदार फूलचंद यादव पर टिकी हुई है।

चकिया इलिया मार्ग पर सड़क के किनारे प्राथमिक विद्यालय के समीप प्राचीन तालाब स्थित है। जिसके सुंदरीकरण के लिए पिछले कई वर्षों से ग्राम पंचायत के धन से मनरेगा के मजदूरों द्वारा इसकी इसकी खुदाई भी कराई गई। बावजूद कुछ शरारती लोगों द्वारा तालाब पर लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है। जिससे उसका अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर पहुंचता जा रहा है। भगत सिंह विचार मंच के संयोजक मिश्री लाल पासवान तथा कुछ ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण हटाए जाने को लेकर कई बार शिकायती पत्र उप जिलाधिकारी को सौंपा गया। बावजूद आज तक तालाब से अतिक्रमण नहीं हटाया गया। जबकि राजस्व विभाग के अभिलेख में आराजी नंबर 148 में बंजर भूमि अंकित है। जिसे तत्कालीन तहसीलदार चकिया द्वारा 20 अगस्त 2009 को अतिक्रमणकारियों को बेदखल किए जाने का आदेश भी जारी किया जा चुका है। बावजूद अभी तक अतिक्रमण न हटाए जाने से अतिक्रमणकारियों का मनोबल बढ़ा हुआ है।

संयोजक मिश्रीलाल पासवान ने चकिया के तहसीलदार महोदय का ध्यान कराते हुए तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराए जाने का मांग किया है, ताकि उसकी पुनः खुदाई कराकर सुंदरीकरण कराया जा सके।