चंदौली जिले में धानापुर ब्लॉक के नोनारी गांव में स्थित पशु आश्रय शाला में लगातार गायों के मौत के सिलसिले को देखते हुए समाजवादी पार्टी के सैदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू के हठ के आगे पशु चिकित्सा विभाग को झुकना पड़ा।

गायों की मौत का रहस्य उजागर करने के लिए 5 घंटे तक तक अड़े रहे पूर्व विधायक के आक्रामक रवैया को देखते हुए पशु चिकित्सा विभाग के तीन डॉक्टरों की टीम ने दो मृत गायों का पोस्टमार्टम किया।उत्तर प्रदेश भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में गायों को लेकर कई बार खूनी जंग हो चुकी है जिसमे बेकसूर मानव की जान भी जा चुकी है, लेकिन गौशाला में आये दिन तिल-तिल करके प्रति दिन मर रही गाय हत्या की श्रेणी में नही आती है,इस पर सरकारी नुमाइंदों से लेकर जनप्रतिनिधि तक सभी लोग मौन है।

इसी मुद्दे को लेकर के सैदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने नोनारी गांव के पशु आश्रय शाला में मरी गायों का पोस्टमार्टम कराया । हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट को अभी उजागर नहीं की गई लेकिन डॉक्टरों के प्राथमिक परीक्षण में गायों के मौत का कारण कोई बीमारी नहीं सामने आया।

पूर्व विधायक ने बताया कि गौशाला में आए पशुओं की भुखमरी और कुपोषण के कारण मौत हो रही है यह पोस्टमार्टम से भी उजागीर हो गया है। भले सरकार के नुमाइंदे इसे छिपाने की कोशिश करें लेकिन इन गायों के मौत का कारण भ्रष्टाचार ही है,प्रतिदिन मिलने वाला एक गाय का तीस रुपया तीस जगह बटता है।

गायों पर राजनीति करके जहां भाजपा सरकार सत्ता में आई है और गायों के नाम पर न जाने कितने बेकसूरों की जान ले ली गई लेकिन प्रतिदिन गायों के मरने का शिलशिला जारी है,इन गायों के हत्यारों पर किसी का ध्यान नहीं जाता है। इस मुद्दे पर विभागीय अधिकारी से लेकर भाजपा के नेता तक मौन है।