प्रभुनारायण के आरोप पर रामकिशुन का रिएक्शन, समय का इंतजार करिए..जवाब मिल जाएगा

चंदौली जिले में समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच आपसी कड़वाहट अब धीरे-धीरे चुनाव प्रचार के दौरान मंच से जाहिर होने लगी है, लेकिन समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव इस पूरे मामले पर अपनी ओर से कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका सिर्फ यह कहना है कि समय का इंतजार करिए.. वक्त सब कुछ बता देगा।

आपको बता दें कि समाजवादी पार्टी के अंदर जिला पंचायत सदस्यों के टिकट को लेकर पार्टी के कई नेताओं के बीच मनमुटाव देखा गया है। इस दौरान जिला अध्यक्ष की ओर से जारी की गई सूची में कई मौजूदा जिला पंचायत सदस्यों के साथ-साथ पार्टी के कई दिग्गजों का टिकट काट दिया गया था। इस पर पार्टी के अंदर नाराजगी देखी जा रही है। कुछ लोगों ने तो समाजवादी पार्टी को बाय-बाय कहते हुए बहुजन समाज पार्टी या निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनाव में उतरने का ऐलान कर दिया है। तो वही पूर्व सांसद के परिवार के 2 लोग भी अपने-अपने मजबूती वाले इलाके से जोर आजमाइश कर रहे हैं।

सपा के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव के दो भतीजे क्रमशः नियमताबाद और सकलडीहा ब्लाक के इलाकों से जिला पंचायत सदस्य के रूप में अपनी किस्मत आजमाने के लिए उतर गए हैं। जानकारी के अनुसार नियमताबाद ब्लॉक के सेक्टर 4 से तेज नारायण यादव और सकलडीहा ब्लाक से मुलायम सिंह यादव चुनाव मैदान में हैं। मुलायम सिंह यादव मुगलसराय विधानसभा से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके बाबूलाल यादव के पुत्र और पूर्व सांसद रामकिशुन यादव के भतीजे हैं। इनको ही टिकट ना मिलने पर पार्टी के अंदर घमासान शुरू हुआ था और धीरे-धीरे यह सार्वजनिक मंचों पर आने लगा है।

समाजवादी पार्टी के चंदौली जिले में इकलौते विधायक प्रभु नारायण यादव ने सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में चुनाव प्रचार करते समय रामकिशुन यादव और उनके परिवार के बारे में तमाम तरह के आरोप लगाए थे और फोटो भी जारी करने की धमकी दे दी थी लेकिन इतना सब होने के बावजूद भी अभी रामकिशुन यादव ने अपनी ओर से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं जारी की है और वह ना ही इस मामले को अपनी ओर से तूल देना चाहते हैं।

जब चंदौली समाचार ने उनसे बात करने की कोशिश की तो उनका कहना था कि आप समय का इंतजार करिए। सब के सवालों का जवाब खुद ब खुद मिल जाएगा। वह समाजवादी पार्टी का सिपाही हैं और पार्टी के नियम कानून से बंधे हैं। जो कुछ भी आलाकमान का निर्देश होगा वह हमेशा पालन करते रहेंगे।

रामकिशुन ने कहा कि ”किसी को मैं जवाब नहीं दूंगा उन्हें समय जवाब दे देगा।”