लहसुन, प्याज और प्याज की प्रजाति की सब्जियों के सेवन से बड़ी आंत और गुदा के कैंसर का खतरा कम होता है। यह हालिया एक शोध के नतीजों में कही गई है।आहार नाल के निचले छोर पर स्थित बड़ी आंत और गुदा के कैंसर को कोलोरेक्टल कैंसर कहा जाता है।

एशिया पैसिफिक जर्नल ऑफ क्लिनिकल ऑनकोलोजी में प्रकाशित इस शोध के नतीजों में बताया गया है कि प्याज की प्रजाति की सब्जियों का ज्यादा सेवन करने वाले वयस्कों में कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा उनलोगों से 79 फीसदी कम होता है जो इस तरह की सब्जियां कम खाते हैं।चाइना मेडिकल यूनिवर्सिटी के फर्स्ट

हॉस्पिटल के शोधकर्ता झी ली ने कहा, “ऐसा देखा जाता है कि प्याज प्रजाति की सब्जियां ज्यादा खाने से ज्यादा सुरक्षा होती है।”उन्होंने कहा, “मौजूदा शोध का सार यह है कि जीवनशैली बदलने से कोलोरेक्टल कैंसर से शुरुआती तौर पर रोकथाम हो सकती है।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कोलोरेक्टल कैंसर पूरी दुनिया में आम है और 2018 में इसके 18 लाख मामले पाए गए जिनमें 8,62,000 की मौत हो गई।
 प्याज-लहसुन वाली सब्जी खाने से मलाशय के कैंसर के विकसित होने का खतरा कम हो जाता है। एक नए अध्ययन में इस बारे में दावा किया गया है। कोलन और मलाशय बड़ी आंत के हिस्से हैं, जो पाचन तंत्र का सबसे निचला हिस्सा होता है। विभिन्न तरह के कैंसर से जितनी मौत होती है, उसमें महिलाओं और पुरूषों के मामले में कैंसर का यह क्रमश: दूसरा और तीसरा सबसे बड़ा रूप है।
एशिया पैसिफिक जर्नल ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि प्याज, लहसुन वाली सब्जी खाने से वयस्कों में कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा 79 प्रतिशत घट गया। चाइना मेडिकल यूनिवर्सिटी के फर्स्ट हॉस्पिटल के झी ली ने कहा कि हमारे अध्ययन से जो निष्कर्ष निकल कर सामने आया है, उसके मुताबिक यह कहना ठीक होगा कि ऐहतियात के लिए प्याज और लहसुन वाली सब्जी खाना ज्यादा बेहतर है ।
उन्होंने कहा कि अध्ययन के नतीजे इस पर भी प्रकाश डालते हैं कि जीवनशैली में परिवर्तन कर किस तरह शुरूआत में ही कोलोरेक्टर कैंसर की रोकथाम कर सकते हैं ।