चंदौली जिले में एक लड़की ने परिजनों की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाई है और जबरन शादी करने पर अड़े परिवार के लोगों के खिलाफ डीएम से शिकायत की है। किशोरी अपनी फरियाद लेकर सीधे जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल के पास पहुंच गई।

इतना ही नहीं उसने मार्कशीट के साथ प्रार्थना पत्र देकर नाबालिग होने पर भी विवाह कराने की गैर कानूनी कोशिश की शिकायत की। इस पर जिला प्रशासन हरकत में आया और डीएम के निर्देश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी ने किशोरी के कागजातों का अवलोकन कर बयान दर्ज किया। मामले की जांच कर मुकदमा दर्ज करने व शादी रुकवाने को पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह व थानाध्यक्ष को पत्र भेज दिया गया है।

बताया जा रहा है कि चकिया ब्लाक के एक गांव में परिजनों की ओर से 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी की शादी तय कर दी गई। किशोरी ने इसका विरोध किया तो मां-बाप समेत परिवारवाले जबरन शादी कराने को दबाव बनाने लगे। पास-पड़ोस के लोगों ने जिलाधिकारी से मिलकर अवगत कराने की सलाह दी। किशोरी शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंची। उसने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर नाबालिग होने पर भी परिवारवालों की ओर से जबरन शादी कराने की शिकायत की।

 

डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी इंद्रावती यादव को जांच करने के निर्देश दिए। प्रोबेशन अधिकारी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर नाबालिग का बयान दर्ज किया। प्रार्थना पत्र व मार्कशीट की जांच की तो उम्र 16 वर्ष ही थी। हालांकि परिजन अभी भी शादी कराने की जिद पर अड़े हैं। परिजनों ने भी शादी के कार्ड के साथ जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर पारिवारिक मामले में दखल न देने की अपील की।

 

जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि मार्कशीट के अनुसार किशोरी की उम्र 16 वर्ष ही है। किशोरी ने अपने बयान में परिजनों की ओर से जबरन शादी कराने का आरोप लगाया है। मामले की जांच कर मुकदमा दर्ज करने व शादी रुकवाने को पुलिस अधीक्षक व थानाध्यक्ष को पत्र भेजा गया है।