समझिए पंचायत के चुनावों के पहले आरक्षण की गुणा-गणित, ऐसी हैं संभावनाएं

चंदौली जिले में पंचायत चुनाव के लिए नव सृजित ग्राम पंचायतों में आरक्षण प्रक्रिया को शून्य से शुरु की जाएगी। हालांकि चंक्रानुक्रम के चलते बहुलता जाति वाली ग्राम पंचायतों में महिला और पुरुष सीट में परिवर्तन की संभावना है। इसके लिए सरकारी स्तर पर कार्य शुरू हो गया है।

ब्लाक स्तर के अधिकारियों का प्रशिक्षण सत्र समाप्त होने के बाद बीडीओ और एडीओ (पंचायत) ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए हैं। इसके बाद आरक्षण सूची तैयार होगी, लेकिन इससे बेपरवाह और अपनी दावेदारी पक्की मानकर गांवों में चुनाव को देखते हुए संभावित उम्मीदवार जोर-शोर से जनसंपर्क करने में जुट गए हैं।

यह भी जानिए

वर्ष 2010 तक जिले में 702 ग्राम पंचायतें अस्तित्व में थीं। लेकिन वर्ष 2015 में शासन के आदेश के बाद 32 नई ग्राम पंचायतों का सृजन किया गया। इसके बाद जिले में कुल 734 ग्राम पंचायतें अस्तित्व में आ गई।

समझिए आरक्षण का नियम कानून

पिछले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान अधिकांश नव गठित ग्राम पंचायतें अनुसूचित अथवा पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रहीं। शासन ने इस बार गाइडलाइन में बदलाव किया है। चक्रानुक्रम प्रणाली के तहत आरक्षण लागू करने का फरमान है। ऐसे में नई ग्राम पंचायतों में पिछले चुनाव के आरक्षण को शून्य मानते हुए इस बार नए सिरे आरक्षण तय होगा। इसमें संबंधित वर्ग की आबादी के विशेष मायने होंगे।


कहा जा रहा है कि ग्राम पंचायत में जिस वर्ग की आबादी अधिक होगी, उस वर्ग के लिए ग्राम प्रधान का पद आरक्षित हो सकता है। क्षेत्र पंचायत, ग्राम पंचायत पदों पर भी यही मानक लागू होगा। ऐसे में सरगर्मी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि पिछले चुनाव में ग्राम प्रधान का पद यदि अनुसूचित पुरूष के लिए आरक्षित था तो इस बार महिलाओं को मौका मिल सकता है।

वहीं, आबादी अधिक होने पर सामान्य अथवा पिछड़ा वर्ग के लिए भी आरक्षित किया जा सकता है। इसको लेकर सहायक विकास अधिकारियों से ग्राम पंचायतों में आबादी का ब्यौरा मांगा गया है।

क्या कह रहे डीपीआरओ साहब

डीपीआरओ ब्रह्मचारी दुबे ने बताया कि आरक्षण सूची तैयार होने के बाद दो या तीन मार्च को जिलाधिकारी के द्वारा प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद चार से आठ मार्च तक दावा-आपत्ति लिया जाएगा।