आरक्षण लिस्ट हो गयी है फाइनल, केवल हरी झंडी के बाद चपकाने की है तैयारी, यह है योजना

चंदौली जिले में पंचायत के विभिन्न पदों की पहली आरक्षण सूची दो मार्च की शाम या तीन की सुबह मार्च को प्रकाशित हो जाएगी। इसके बाद सभी को चार से आठ मार्च तक दावा और आपत्ति के निस्तारण के लिए समय दिया जाएगा। इसका निस्तारण होने के बाद 14 मार्च को आरक्षण की अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।

हर किसी के मन में आरक्षण की स्थिति जानने को लेकर उत्सुकता बढ़ गयी है। हर कोई यह जानने को बेताब है कि उनके गांव को किस श्रेणी में अधिकारियों ने डाल दिया है। कुछ लोग तो सीट सामान्य कराने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। तो कुछ आरक्षित होने पर अपनी जीत पक्की मान रहे हैं।

शासन से तय मानक के अनुरूप जिला प्रशासन ग्राम प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत, ग्राम पंचायत सदस्य और ब्लाक प्रमुख पद के लिए आरक्षण तैयार करने में जुटा है। एडीओ पंचायत के जरिए गांवों में आबादी व 1995 से अब तक के आरक्षण की रिपोर्ट मंगाई गई थी। इसके आधार पर विभिन्न पदों के लिए आरक्षण सूची को अंतिम रूप देने में जिला पंचायत राज विभाग की टीम लगी हुई है।

कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार आरक्षण में व्यापक स्तर पर बदलाव होगा। पिछले कई चुनावों में अनारक्षित रहे प्रधान व अन्य पद इस बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होंगे। वहीं आरक्षण के दायरे में रहे पदों पर भी चक्रानुक्रम प्रणाली के तहत बदलाव होगा। मसलन अनुसूचित के लिए आरक्षित रहे पद इस बार पिछड़ा वर्ग अथवा अनराक्षित हो सकते हैं।

चंदौली जिले में 734 ग्राम पंचायतें हैं। क्षेत्र पंचायत के 868, जिला पंचायत के 35 व ग्राम पंचायत सदस्य के नौ हजार पद हैं। वैसे शासन से तय मानक के अनुरूप इस बार ग्राम प्रधान के 166 पद अनुसूचित, पिछड़ा वर्ग के लिए 199 व 121 पद सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। 248 पदों को अनारक्षित रखा गया है।

वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष का पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया है। लोगों को जिला प्रशासन की ओर से आरक्षण सूची के प्रकाशन का इंतजार है।