प्रधान जी को मिलेगी पराली जलाने वालों का नाम बताने की जिम्मेदारी, चुनाव के पहले होगी किचकिच

कांसेप्ट फोटो

चंदौली जिले में खेत में धान की फसल कटाई के बाद पराली जलाने वालों पर प्रशासन सख्त होता दिखने लगा है। अब ग्राम प्रधान को  जिला और तहसील प्रशासन के अधिकारियों को पराली जलाने वालों की सूचना देने की जिम्मेदारी सौंपी जाने वाली है। साथ ही गांव के किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान से अवगत कराएंगे। बुधवार को सदर ब्लाक में बैठक के दौरान बीडीओ राहुल सागर ने ग्राम प्रधानो को निर्देश और प्रशासन का सहयोग करने का सुझाव दिया। ताकि समस्या का हल निकाला जा सके।

बीडीओ राहुल सागर ने कहा कि खेत में अवशेष प्रबंधन करके किसान पाराली निस्तारण की समस्या से निजात पा सकता है। लेकिन कुछ किसान तमाम निर्देशों के बाद भी जिला प्रशासन के फरमान को दकिनार करने की कोशिश कर सकते है। कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने में ग्राम प्रधानों का सहयोग लिया जाएगा। ग्राम प्रधान पराली जलाने वालों को चिन्हित करके पुलिस, तहसील, जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अफसरों को सूचना देंगे। प्रधानों ने कहा कि वह गांव में किसानों को जागरुक करने के लिए चौपालों में बैठक करके जानकारी देंगे। मांग किया कि राजस्व विभाग, कृषि और पंचायत विभाग के कर्मचारियों को गांवों में भेजकर अधिक रकबे वाले किसानों से पराली नहीं जलाने के लिए शपथ पत्र लिया जाय। इसके बाद अगर कोई नियम विरुद्ध कार्य करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करें।

 इस दौरान ग्राम प्रधान अशोक यादव, बालेश्वर सिंह, सत्येंद्र सिंह, जनार्दन यादव, अशोक सिंह, जफीर अहमद, पुष्पराज सिंह, लियाकत अली, बालमोहन, सुरेंद्र सिं ह, संजीव सिंह, आशीष साहनी, संजीव मौर्य, राजेंद्र भारती, उमेंद्र प्रताप सिंह यहाँ मौजूद रहे।