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होलिका दहन का शुभ महुर्त व कुछ खास बातें, इनसे होगा आपको लाभ

tds_top_like_showtds_top_like_showtds_top_like_showtds_top_like_showtds_top_like_show रंगों का त्योहार होली इस साल 10 मार्च को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस साल होली दहन अत्यंत शुभ गज केसरी योग में किया जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गज मतलब हाथी, केसरी मतलब शेर, हाथी और शेर का संबंध मतलब राजसी सुख। गज को गणेश जी का रूप माना जाता है।
 
होलिका दहन का शुभ महुर्त व कुछ खास बातें, इनसे होगा आपको लाभ

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रंगों का त्योहार होली इस साल 10 मार्च को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस साल होली दहन अत्यंत शुभ गज केसरी योग में किया जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गज मतलब हाथी, केसरी मतलब शेर, हाथी और शेर का संबंध मतलब राजसी सुख। गज को गणेश जी का रूप माना जाता है। इस योग में व्यक्ति को फल उसकी राशि, नक्षत्र और गुरु की स्थिति के आधार पर मिलता है। ऐसे में आइए जानते हैं आखिर किस दिन किस शुभ मुहूर्त में होलिका दहन के साथ ये 5 उपाय करने से व्यक्ति को शनि-राहु-केतु और नजर दोष से मुक्ति मिलती है।

होलिका दहन का शुभ महुर्त व कुछ खास बातें, इनसे होगा आपको लाभ

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त:

होलिका दहन का दिन: 9 मार्च 2020 सोमवार
संध्या काल में– 06 बजकर 22 मिनट से 8 बजकर 49 मिनट तक
भद्रा पुंछा – सुबह 09 बजकर 50 मिनट से 10 बजकर 51 मिनट तक
भद्रा मुखा – सुबह 10 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक

होलिका दहन पर करें ये 5 उपाय… मिलेगी शनि-राहु-केतु और नजर दोष से मुक्ति-

-होलिकादहन करने या फिर उसके दर्शन मात्र से भी व्यक्ति को शनि-राहु-केतु के साथ नजर दोष से मुक्ति मिलती है।

-होली की भस्म का टीका लगाने से नजर दोष तथा प्रेतबाधा से मुक्ति मिलती है।

-अगर आप अपनी कोई मनोकामना पूरी करना चाहते हैं तो जलती होली में 3 गोमती चक्र हाथ में लेकर अपनी इच्छा को 21 बार मन में बोलकर तीनों गोमती चक्र को अग्नि में डालकर अग्नि को प्रणाम करके वापस आ जाएं।

-धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि कोई व्यक्ति घर में भस्म चांदी की डिब्बी में रखता है तो उसकी कई बाधाएं अपने आप ही दूर हो जाती हैं।

-अपने कार्यों में आने वाली बाधा को दूर करने के लिए आटे का चौमुखा दीपक सरसों के तेल से भरकर उसमें कुछ दाने काले तिल,एक बताशा, सिन्दूर और एक तांबे का सिक्का डालकर उसे होली की अग्नि से जलाएं। अब इस दीपक को घर के पीड़ित व्यक्ति के सिर से उतारकर किसी सुनसान चौराहे पर रखकर बगैर पीछे मुड़े वापस आकर अपने हाथ-पैर धोकर घर में प्रवेश करें।

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