जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime

नोड्यूज देने के नाम पर प्रत्याशियों से की जा रही है अवैध वसूली, देखें वीडियो

tds_top_like_showtds_top_like_showtds_top_like_showtds_top_like_showtds_top_like_show चंदौली जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर लूट मची हुई है क्योंकि कहीं पर पर्चे के खरीदारी में ओवर रेटिंग हो रही है तो कहीं नोड्यूज के नाम पर मनमाना वसूली की जा रही है । जिसको उच्च अधिकारी भी अनदेखी करने में जुटे हुए हैं। बताते चलें कि जनपद में होने वाले त्रिस्तरीय
 
नोड्यूज देने के नाम पर प्रत्याशियों से की जा रही है अवैध वसूली, देखें वीडियो

tds_top_like_showtds_top_like_showtds_top_like_showtds_top_like_showtds_top_like_show

चंदौली जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर लूट मची हुई है क्योंकि कहीं पर पर्चे के खरीदारी में ओवर रेटिंग हो रही है तो कहीं नोड्यूज के नाम पर मनमाना वसूली की जा रही है । जिसको उच्च अधिकारी भी अनदेखी करने में जुटे हुए हैं।

बताते चलें कि जनपद में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नामांकन फार्म के वितरण शुरू होते ही उन में लगने वाले कागजातों को पूरा करने के लिए प्रत्याशियों द्वारा एड़ी चोटी एक करके जुटाने का प्रयास किया जा रहा है । वही नोड्यूज देने के नाम पर जनपद के सभी ब्लॉकों पर100 से 500 की वसूली करने वाले कर्मचारियों द्वारा ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्यों को नोड्यूज देने के नाम पर ₹100 से डेढ़ सौ रुपए की वसूली की जा रही है ,जबकि उनके द्वारा दिए गए नोड्यूज प्रपत्र पर कोई शुल्क अंकित नहीं है।

वही जिला पंचायत का नोड्यूज प्राप्त करने के लिए जिला पंचायत द्वारा निर्धारित ₹200 का नोड्यूज शुल्क रखा गया है लेकिन उन नोड्यूज को प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थियों को 200 के जगह पर ढाई सौ रुपए देने पड़ रहे हैं । तभी उन्हें नोड्यूज प्राप्त हो रहा है । वहीं अब यह भी देखने को मिल रहा है कि ब्लॉक द्वारा दिए गए नोड्यूज के बाद सेक्रेटरी द्वारा प्राप्त होने वाले नोटिस की मुंह मांगी कीमत मांगी जा रही है।

किसी के द्वारा ₹500 और किसी के द्वारा 100 ,200 भी लेकर नोड्यूज दे दिया जा रहा है? यह नोट न्यूज़ की थी किए बिना किसी चेकिंग के ही उन्हें नोटिस प्रदान कर दिया जा रहा है पैसा दीजिए नोड्यूज लीजिए यह खेल पूरे जिले में धड़ल्ले से चल रहा है और अधिकारी भी इस खेल में मौन सहमति दे रखे हैं।

तैनात रिटर्निंग अफसरों से बात हुई थी तो उन लोगों द्वारा कहा गया कि ब्लॉक के नोड्यूज का शुल्क नहीं लिया जा रहा है। जिला पंचायत द्वारा ₹200 शुल्क निर्धारित किया गया है वह केवल देना है इसके बाद जबरन 250रू प्रत्याशियों से शुल्क वसूले जा रहे हैं । अधिकारी केवल कार्यवाही करने के नाम का दिलासा देकर लोगों को टालमटोल कर रहे हैं।

जिस तरह हर बातों को स्पष्ट किया गया है यदि ब्लॉक परिसर में नोटिस पर नोड्यूज का कोई शुल्क न लेने का नोटिस लगा दी जाए तो यह गोलमाल भी रुक सकता है । लेकिन कहावत कही गई है कि सैंया भए कोतवाल तो अब डर काहे का। जब अधिकारी मामलों में संलिप्त हो तो कैसी जांच और कैसी कार्यवाही।

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*