नवंबर में आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा यूपी बिहार बार्डर वाला कर्मनाशा नदी का पुल

चंदौली जिले के यूपी बिहार बार्डर पर नौबतपुर के पास कर्मनाशा नदी पर पिछले साल दिसंबर में क्षतिग्रस्त हुए फोर लेन पक्के पुल की मरम्मत का काम अंतिम चरण में है। पिलरों की मरम्मत के बाद आवागमन के दौरान पुल में होने वाले खिंचाव के लिए जर्मनी से मंगाए गए वायरों को लगाया जा रहा है। इसके बाद पुल को नवंबर में आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। इससे बार्डर पर लगने वाले जाम से निजात मिलेगी और आवागमन में सहूलियत होगी।

कोलकाता से दिल्ली जाने वाले एनएच-2 के फोर लेन और सिक्स लेन विस्तार के साथ ही वर्ष 2009 में कर्मनाशा नदी पर फोर लेन नए पक्के पुल का निर्माण कराया गया था। निर्माण के 10 साल बाद ही 28 दिसंबर 2019 को पुल के तीन पिलरों में दरार आ गई। इसकी जानकारी होते ही चंदौली और बिहार के भभुआ जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया था। आनन-फानन में पुल से वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। आवागमन बाधित न हो इसके लिए अस्थायी पुल बनाया गया।

बारिश में पुल बंद होने पर पुराने ब्रिटिश काल के पुल के साथ ही नया स्टील का पुल बनाकर आवागमन चालू कर दिया गया। इस बीच क्षतिग्रस्त पुल का काम भी शुरू हो गया लेकिन लाकडाउन के चलते निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ था। अब जब अनलाक हुआ तो काम में तेजी आई और पुल की मरम्मत शुरू हो गई। मरम्मत का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। पुल की बीम के अंदर खिंचाव के लिए लगने वाले वायर को सेट किया जा रहा है। इसका कार्य भी अक्तूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद पुल को आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।

पूर्वोत्तर के कई राज्यों को जोड़ता है पुल

कर्मनाशा नदी पर बने पक्के पुल के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन में काफी दिक्कतें आ गई थी। यह पुल पश्चिम से पूर्वोत्तर के कई राज्यों को जोड़ता है। यूपी, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा सहित बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल को जोड़ता है। वहीं उड़ीसा और असम को भी जोड़ता है। पुल पर आवागमन शुरू होने से रास्ता बदलकर आवागमन कर रहे वाहनों को अब दूसरे रास्ते का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।

जून तक ही पूरा होना था मरम्मत का कार्य

क्षतिग्रस्त पुल का कार्य जून में ही पूरा होना था मगर कोरोना संक्रमण के चलते लाकडाउन से काम लगभग बंद हो गया था। दोबारा काम काफी तेजी से शुरू हुआ और अब इसे नवंबर में चालू करने की पूरी तैयारी है। इसकी मरम्मत में करीब 25 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।

टेक्निकल मैनेजर, एनएचएआई नागेश सिंह का कहना है कि कर्मनाशा नदी पर क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का कार्य अंतिम चरण में है। कार्यदायी संस्था को अक्तूबर तक बाकी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। पुल को आवागमन के लिए नवंबर में खोल दिया जाएगा।