ICRA की मदद से खोलेगा नौगढ़ में खोला जाएगा किसान संसाधन केन्द्र

चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के मृदा, कृषि रसायन विज्ञान संस्थान एवं वरून के तत्वाधान में विकास खंड नौगढ़ के ग्राम हड़ही (बैरगाढ) में सोमवार को किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में ग्राम झरियवा, पथरौर, शाहपुर इत्यादि गावों के किसानों ने भाग लिया।

गोष्ठी में मुख्य वक्ता प्रो. एस.के.सिंह ने कहा कि फसलों पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए खेती के लिए मिट्टी का परिक्षण कराना बहुत ही आवश्यक है। किसानों को अच्छी फसल के लिए खाद की मात्रा व सूक्ष्म तत्व की जानकारी होना भी जरूरी है। इसके लिए मृदा परीक्षण का कार्य ब्लॉक अथवा जिला कृषि विज्ञान केन्द्र पर जाकर करा सकते है।

धान की फसलों का निरीक्षण करने के बाद चर्चा करते हुए किसानों के सवालों के जवाब में प्रोफेसर ने बताया कि जो भी बीज वितरित किया गया है या दिया जा रहा है उसका उपयोग आप कई वर्षों तक कर सकते हैं। प्रोफेसर ने बताया कि वर्षा आधारित खेती में छिड़काव विधि सबसे उपयोगी है। किसान कृषि यंत्रों का उपयोग सही तरीके से करें तो कम समय में अनाज का अधिक उत्पादन किया जा सकता है।

वरून के सचिव डॉ. एस.पी.सिंह ने बताया कि ICRA नई दिल्ली के माध्यम से नौगढ़ में किसान संसाधन केन्द्र खोलने की योजना है। किसानों में सरसो, गेहूं का बीज व पौधों का वितरण किया गया। किसान सही तरीके से किसानी करे जिससे अच्छी उपज मिल सके तथा आर्थिक वृद्धि हो सके। बी.एच.यू. के साथ वरून संस्थान क्षेत्र के किसानों की बिगड़ी हालत सुधारने में लगा हुआ है।

गोष्टी में प्रमुख रूप से रामकृत, देवराज, घूरभारी,पप्पू ,भागवत, चंद्रशेखर, गिरजा, मुन्नू, रविन्द्र, संतोष, बिंदू, गोवर्धन, कैलाश, प्रहलाद आदि किसानों ने भाग लिया।