पुलिस के हूटर से घबराकर पशु तस्करों ने कर्मनाशा नदी में कूदकर दे दी जान

चंदौली जिला के चकिया कोतवाली पुलिस के हुटर से घबराकर पकड़े जाने के डर से चकिया इलिया मार्ग पर मंगरौर कर्मनाशा नदी पुल से मैजिक वाहन छोड़कर पशु तस्कर बुधवार की भोर में 4 बजे कर्मनाशा नदी में कूद पड़े। जिसमें बाढू 25 वर्ष, चंदेश 19 वर्ष निवासी घुरहुपुर थाना चकिया तथा दीपक 28 वर्ष निवासी जौनपुर की मौत हो गई ।


कोतवाली पुलिस ने परिजनों को सूचना दिए बगैर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।


बतातें चले कि बीती रात पिकअप वाहन से पशु तस्कर 8 पशुओं को लेकर बिहार के रास्ते हाटा जा रहे थे, पुलिस की लगातार हो रही कार्रवाई में पशु तस्कर बचने के लिए मंगरौर कर्मनाशा पुल पर फंसने के बाद पुल के नीचे नदी में कूद पड़े जहां जिससे तीनों की घटना स्थल पर मौत हो गई। घटना में कोतवाली क्षेत्र के घुरहुपुर गांव निवासी बाढू राजभर 25 वर्ष तथा उसका चचेरा भाई चंद्रेश राजभर 19 वर्ष वहीं जौनपुर निवासी दीपक 28 वर्ष मंगरौर कर्मनाशा पुल के रास्ते बिहार प्रांत जा रहे थे। कर्मनाशा नदी का सकरा पुल होने के कारण दोनों तरफ से वाहन आ जाने पर पशु तस्करों की वाहन बीच पुल पर फंस गई। किसी की सूचना पर जाम हटाने पहुंची 112 पुलिस की हुटर की आवाज से अपने को पुलिस के घेराबंदी में होने की सुगबुगाहट पाते ही तीनों पशु तस्कर वाहन छोड़कर कर्मनाशा नदी में छलांग लगा दिया।

इसकी जानकारी होते ही पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को बाहर निकाल कर जिला संयुक्त चिकित्सालय ले आए जहां बाढू राजभर तथा दीपक की मौत हो गई थी। वहीं चंद्रेश राजभर की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना को लेकर आनन-फानन में कोतवाली पुलिस ने पशु तस्करों के शव को जिला संयुक्त चिकित्सालय पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूत्रों की माने तो पुलिस की चलाई जा रही अभियान के क्रम में छापेमारी के बीच पशु तस्कर बेबस होकर नदी में कूद पड़े जिससे उनकी जान चली गई।

घटना की जानकारी होते ही बुधवार को सुबह डीआईजी वाराणसी एस के भगत, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार मौके पर पहुंचकर घटना के घटनास्थल का अवलोकन किया।
इस दौरान कोतवाल नागेंद्र प्रताप सिंह, शहाबगंज थाना प्रभारी वंदना सिंह, बबुरी थानाध्यक्ष सत्येंद्र विक्रम सिंह, इलिया थानाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी सहित भारी संख्या में पुलिस मौजूद रहे।