लेखपाल व कानूनगो अब जहरीली शराब बनाने वाले अड्डों की करेंगे पहचान, देंगे प्रशासन को सूचना

चंदौली जिले में पंचायत चुनाव को देखते हुए शासन प्रशासन कुछ नए उपाय अपनाने की सोच रहा है क्योंकि प्रशासन की सख्ती के बावजूद जहरीली शराब बनाने पर लगाम नहीं लग पा रही है।

पड़ोसी जिले में जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत से जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। आबकारी विभाग ने सभी उपजिलाधिकारियों को निगरानी के लिए पत्र भेजा है। इसके लिए बाकायदा लेखपाल व कानूनगो को जहरीली शराब बनाने वाले अड्डों पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि सूचनाएं आसानी से अधिकारियों तक पहुंच सकें।

ऐसा माना जाता है कि चंदौली जिले में कई ईंट भट्ठों व अन्य स्थानों पर चोरी-छिपे अवैध शराब बनाने का धंधा फलता-फूलता है। अधिकारी इससे अनजान नहीं है। शासन का रूख सख्त होने पर अधिकारी अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाते हैं। इस दौरान ईंट भट्ठों पर छापेमारी की जाती है। अभियान के बाद विभाग सुस्त पड़ जाता है। ऐसे में अवैध शराब का धंधा चलता रहता है।

मीरजापुर में जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत के बाद प्रशासन एक बार फिर अलर्ट हो गया है। आबकारी व पुलिस विभाग की ओर से चौकीदारों संग बैठक कर अवैध शराब बनाने के धंधे पर नजर रखने को कहा गया है।

मामले में सभी उपजिलाधिकारियों को भी पत्र भेजकर लेखपालों व कानूनगो के जरिए अवैध शराब के धंधे पर नजर रखवाने को कहा गया है। दरअसल, लेखपाल व कानूनगो हमेशा क्षेत्र में भ्रमण करते रहते हैं। ऐसे में अधिकारियों का मानना है कि उनके जरिए सही ढंग से निगरानी कराई जा सकती है।

चंदौली जिले के आबकारी अधिकारी जितेंद्र सिंह का कहना है कि जहरीली शराब पर निगरानी के लिए उपजिलाधिकारियों को पत्र लिखा गया है, ताकि लेखपाल व कानूनगो के जरिए निगरानी कराई जा सके। इससे मदद मिलेगी और तेजी से कार्रवाई होगी।