चंदौली जिले के बबुरी थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती के मोबाइल पर युवक का आया रांग नंबर इसके जीवनभर के लिए राइट नंबर हो गया। इस रांग नंबर वाली प्रेम कहानी में कई उतार चढ़ाव तो जरूर आए पर पुलिस की मदद से दोनों की शादी हो गयी।

बताया जा रहा है कि  दो साल पहले युवती के मोबाइल पर दूसरे गांव के युवक का आया। रांग नंबर से हुई मधिर बातचीत ने धीरे धीरे दोनों को नजदीक ला दिया। जब युवती के परिजन शादी के लिए रिश्ता तलाशने लगे तो दोनों ने प्लानिंग करके घर से भागना मुनासिब समझा। इसी बीच 18 अप्रैल को दोनों ने घर छोड़ दिया।

कई दिनों तक बाहर रहने के बाद जब दोनों शुक्रवार को घर पहुंचे, तो परिजन थाने पहुंच गए। जहां पुलिस की मौजूदगी में दोनों परिवारों के आपसी सहमति पर शादी करा दी गई। उसरौड़ी गांव निवासी युवती के पिता ने थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी थी। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए शनिवार को परिजनों की रजामंदी पर शिव मंदिर में धार्मिक रीति रिवाज से पाणिग्रहण संस्कार कराया गया। वर-वधू ने एक दूसरे के गले में वरमाला पहनाया। विवाह के साक्षी बने प्रधान रामध्वजा सिंह, रमेश सिंह, स्नेह प्रताप, विजय कुमार ने विवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया और उनके सुखमय जीवन की कामना की।

बताया जा रहा है कि इसके पहले प्रेमी युगल एक साथ जिंदगी बिताने का फैसला कर तमिलनाडु पहुंच गए। लड़की के घर वालों ने बबुरी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। किसी तरह से फोन से लड़के से संपर्क हुआ, तो परिजन दोनों की शादी कराने की हामी भरते हुए घर वापस आने की बात कही। दोनों घर वापस आते समय मिर्जापुर में कोर्ट मैरिज कर 3 मई को घर पहुंचे। परिजन दोनों को लेकर शनिवार को थाने पहुंचे। वहां लडकी और लड़के की रजामंदी देखते हुए थानाध्यक्ष तेज बहादुर सिंह ने परिजनों को समझा बुझाकर शादी के लिए रजामंद कराया। गांव के शिव मंदिर पर वरमाला व सिंदूरदान की रस्म अदा करा शादी संपन्न कराई गई।

इस बाबत थानाध्यक्ष तेज बहादुर सिंह ने बताया कि युवक व युवती दोनों बालिग है। दोनों के परिजनों के रजामंदी पर शादी करा दी गई है।