गरीब महिलाओं से जबरन वसूली नहीं रुकी तो आंदोलन चलाएगी एपवा- मंजू

चंदौली  जिले में ऐसे समय में जब लंबे लॉकडाउन व अनलॉक की प्रक्रिया में सारे रोजगार ठप हो गए हैं, किसी भी तरह की आमदनी नहीं हो रही, मनरेगा में रोजगार भी नहीं मिल पा रहा तब चंदौली जिले में कार्यरत बंधन, कैशपार, उत्कर्ष, आशीर्वाद, प्रयत्न व अन्य माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के एजेंट जिले के तमाम गांव में जाकर गरीब महिलाओं द्वारा लिए गए कर्ज की धमका कर जबरन वसूली कर रहे हैं।

लॉकडाउन और अनलॉक की लंबी प्रक्रिया में पूरी अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। लोगों को अपना परिवार चलाना मुश्किल हो गया है और यह तब किया जा रहा है जबकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)की गाइडलाइन है कि किसी भी तरह के कर्जे की जबरन वसूली 31 मार्च 2021 तक नहीं करनी है। उक्त बातें स्थानीय चकिया क्षेत्र के तियरी, इसहूल, डहिया, डीहपर तियरी गांव में जनसंपर्क के दौरान एपवा जिला काउंसिल सदस्य कामरेड मंजू ने कही है।

कामरेड मंजू ने कहा कि जरूरत तो इस बात की है कि जिले में RBI द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार उन कर्जों की जबरन वसूली न की जाए और दबाव बनाकर वसूली करने वाले कंपनियों के एजेंटों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही किया जाए, जिसे लेकर विगत 15 सितंबर को चंदौली जिला मुख्यालय पर मार्च कर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया था, किंतु अभी भी जबरन वसूली जारी है।

भाकपा(माले)के साथ मिलकर एपवा आने वाले दिनों में आंदोलन को तेज करेगी तथा अगर ऐसा नहीं होता है तो भाकपा(माले) खेग्रामस तथा एपवा के संयुक्त नेतृत्व में धारावाहिक आंदोलन चलाया जाएगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

जनसंपर्क के दौरान भाकपा(माले) जिला सचिव कामरेड अनिल पासवान तथा एपवा तियरी ग्राम कमेटी अध्यक्ष सविता देवी, सूखादेवी, चन्दा देवी, आशा देवी तथा चन्द्रमा राम शामिल रहे।