कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से इस वर्ष मांगलिक कार्य न के बराबर हुए। अब मंगलवार को आखिरी लगन है। इसके बाद चतुर्मास की शुरूआत हो जाएगी। इसमें मांगलिक कार्य वर्जित हो जाएंगे। इस वर्ष अधिक मास होने की वजह से इस बार पांच माह का चतुर्मास होगा। ऐसे में अब लगन की शुरूआत नवंबर माह के अंतिम सप्ताह में होगा। इसमें भी 15 दिसंबर को खरमास लग जाएगा और शादी विवाह बंद हो जाएंगे। इस तरह इस वर्ष मांगलिक कार्य बंद रहेंगे।

इस वर्ष होली के बाद ही कोरोना वायरस संक्रमण के चलते 25 मार्च से लॉकडाउन लागू हो गया और शादी विवाह आदि बंद हो गए। एक जून से अनलॉक की शुरूआत होने के बाद शर्तों के साथ शादी शुरू हुई लेकिन इसमें भी लगन की कमी हो गई। 30 जून को आखिरी लगन है।

ज्योतिष के अनुसार एक जुलाई को हशियनी एकादशी है। इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं। चार माह बाद देवोत्थान एकादशी को विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और तुलसी विवाह के साथ लगन की शुआत होती है। इस वर्ष अधिमास है। अर्थात इस वर्ष 13 माह हैं। अधिमास 18 सितंबर से 16 अक्तूबर तक है। इस तरह इस वर्ष चतुर्मास चार माह 25 दिनों का है।

बताया जा रहा है कि अधिमास की वजह से पितृविसर्जन के एक माह बाद नवरात्र की शुरूआत होगी। इस वर्ष नवंबर दिसंबर माह में मात्र नौ लगन है। इसमें भी मात्र चार लगन ही अच्छा है। इसमें विवाह उत्तम है।
26 नवंबर, 30 नवंबर, एक दिसंबर, दो दिसंबर, छह दिसंबर, सात दिसंबर, आठ दिसंबर, नौ दिसंबर और 11 दिसंबर के लगन है।

ज्योतिष के अनुसार इसमें भी तीस नवंबर, छह दिसंबर, नौ और 11 दिसंबर को मांगलिक कार्य के लिए सर्वोत्तम लगन है।