कहते हैं कि गुरु गोविंद दोऊ खड़े काको लागूं पाय,बलिहारी गुरु आपनो गोविंद दियो बताय..कबीर दास जी की इस उक्ति को चरितार्थ करते हुए,प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार मंत्री अनिल राजभर सकलडीहा में अपने शिक्षा जगत के गुरु संत त्रिपाठी जी के यहां पहुंचकर अपने सुरक्षा गार्डों के सामने ही साष्टांग दंडवत किया तो इस दृश्य को देखकर लोग स्तब्ध रह गए।

कहा जाता है कि 21वी सदी में जहां हाय-हेलो की पद्धति चल रही है.. वहीं प्रदेश का मंत्री अपने शिक्षा जगत के गुरु के चरणों में शाष्टांग दंडवत किया तो गुरु ने भाव विभोर होकर शिष्य को अपने गले से लगा लिया।

इस संबंध में स्वतंत्र प्रभार मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि शाष्टांग दंडवत करना यह कोई नई बात नहीं है यह हमारी सनातन परंपरा है। हमारे गुरुजी जहां भी मिल जाते है वही चरणों मे शीश झुक जाता है ,चाहे धुल हो या कीचड़ हो उसकी परवाह नही है। मैं अपने गुरु के लिए एक शिष्य हूं । हमारे लिए आध्यात्मिक, सामाजिक और शैक्षिक गुरु तो है,ही लेकिन हमारे लिए भगवान स्वरूप भी है ,जो भी मैं आज हूँ सब उन्ही की कृपा है।