जिसका कोई नहीं उसका तो खुदा है यारों, बस पहचानने की जरूरत है, पढ़िए एक दरियादिल की कहानी

जब आप घर से बाहर निकलोगे तो आपको जिंदगी के अनेक रंग देखने को मिलेंगे। यहाँ तक कि जीने के लिए मौत को भी लोग गले लगाने से परहेज नहीं करते हैं। कोई आपको मरने के उपाय बताएगा तो कोई जीने की राह दिखा देगा। बस आपको परखने की चाह रखते हों।

ताजा मामला चंदौली जनपद के पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला चिकित्सालय का है जहां एक गरीब लाचार पेट भरने के लिए ट्रेन के चक्के के नीचे अपना हाथ कटवाना दिया। घटना को सुनने के बाद लोगों के रोंगटे खड़े हो जाएंगे।

बंगाल का रहने वाला संदीप पाल पिछले 6 महीनों से घर से नाराज होकर निकला था, जो पेट भरने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर( मुगलसराय) में इधर उधर भटक रहा था। जब उसका पेट नहीं भरा तो एक महिला से रोजगार माँगा। उस महिला ने उसे पेट भरने के लिए ऐसा समझाया कि गरीब ने अपना बायां हाथ ट्रेन के चक्के के नीचे रख दिया, जिससे परेशान होकर गरीब मौत की भीख मांगने लगा।

पीड़ित संदीप पाल ने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में रहने वाली एक महिला ने बताया कि अपना एक हाथ या पैर किसी तरह काट लोगे तो तुम्हें लोग भरपूर पैसा देंगे और तुम्हारा पेट भरने लगेगा। बस पेट भरने की लालच में उसने अपना बायां हाथ ट्रेन के चक्के के नीचे रख दिया और हथेली पूरी तरह से कट कर समाप्त हो गई।

हाथ कटने के बाद वह इधर उधर घूमने लगा, लेकिन गरीब का कोई उपचार भी नहीं कराया, बल्कि उसे मरणासन्न हालत में लाकर पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला चिकित्सालय के पास छोड़ दिया गया । कई दिनों के बाद एक भला मानुष जिला चिकित्सालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम करने वाला मोहम्मद आकिब अहमद पीड़ित गरीब को मिल गया।

इसने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से मिलकर उसका ट्रीटमेंट कराया। जिससे वह अब मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ है। संदीप पाल ने आकिब को अपने घर का पता भी बताया, उसके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। संदीप पाल कंप्यूटर ऑपरेटर मोहम्मद आकिब अहमद को दिल से दुआएं दे रहा है और कह रहा है कि हमारे लिए यही भगवान है, जो हमारी जिंदगी बचाये हैं।

इस संबंध में जिला चिकित्सालय में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर मोहम्मद आकिब अहमद ने बताया कि जब मैं इस बंदे को देखा तो उसके हाथों से बदबू निकल रही थी और सड़न होकर उसमें कीड़े पड़े थे। तत्काल उसे जब ट्रीटमेंट कराने के लिए लाया तो वह मुझसे मौत के लिये जहर का इंजेक्सन लगाने की गुहार लगा रहा था। लेकिन उसका उपचार कराया और उसे खाने पीने तथा दवा की व्यवस्था अपने जिला चिकित्सालय के सीएमएस साहब व चिकित्सा कर्मियों द्वारा कराई, अब वह पूरी तरह से ठीक है।