महिला के साथ पुरुष नसबंदी बढ़ाने पर दिया जोर चिकित्साधिकारी दे रहे जोर

चंदौली जिले के शहाबगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में मंगलवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. हरीश चन्द्रा ने आशा, संगनी व एएनएम के साथ बैठक लिया। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों को उनके कर्तव्य व दायित्वों के बारे में अवगत कराया।

उन्होंने कहा कि 20 आशा के समूह पर संगनी बनायी जाती है, जिनका कार्य है कि समूह की सभी आशाओं के कार्यों को एक समान रुप से सम्पादित करने का कार्य करे। यदि किसी आशा का कार्य संतोष जनक नहीं हैं तो उसको कार्य के लिए प्रेरित करे। जरूरत पड़ने पर एएनएम भी क्षेत्र में जाकर भ्रमण करें।

उन्होंने यह भी कहा कि एक हजार की जनसंख्या पर 24-25 महिला ही गर्भवती होती है। यदि किसी गांव में गर्भधारण का प्रतिशत अधिक है तो उस गांव में जाकर महिलाओं को गर्भधारण रोकने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान करें।

इसके अलावा पीएचसी पर प्रत्येक वृहस्पतिवार को लगने वाले नसबंदी शिविर में महिलाओं के साथ पुरुषों को भी लायें। सभी सब केन्द्र से अगले नसबंदी शिविर में 21 पुरुष को अनिवार्य रूप से अवश्य लाये। कोविड नियमों का पालन करते हुए सभी बच्चों में टीकाकरण का कार्य सुचारू रुप से चलाने का निर्देश दिया। जिन केन्द्रों पर पुराने उपकरण हैं, उनके स्थान पर आधुनिक उपकरण की खरीद करने का निर्देश दिया।

उन्होंने सभी केन्द्र समय से खोलने को कहा। बंद पाये जाने पर कार्यवाही के लिए तैयार रहें। इस दौरान टीएसयू सदानंद चौबे, राजेश यादव, एचीओ अमर सिंह, प्रेमलता, आशा, लालमनी सहित आदि स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।