विधायक सुशील सिंह से मांग : कभी कसिए सिंचाई विभाग की नकेल, क्यों टूटती हैं नहरें

चंदौली जिले के बरहनी इलाके में अमड़ा बड़ी नहर का तटबंध शाम में टूटने से ककरैत गांव के किसानों की 50 एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न हो गयी है। आक्रोशित किसानों ने प्रदर्शन कर नाराजगी जतायी और खराब नहरों के किनारों की मरम्मत के लिए सरकारी अधिकारियों के साथ साथ विधायक सुशील सिंह से मांग की।

किसानों ने रात में ही चंद्रप्रभा रेंज के सिचाई अभियंता को फोन कर नहर को बंद कराया। किसान फसल के बर्बाद होने को लेकर परेशान हैं। उन्हें यह भी नहीं बताया जा रहा है कि किसानों की खराब फसल का मुआवजा कौन देगा।

अमड़ा बड़ी नहर से निकली कंदवा ककरैत नहर ककरैत, करौती गांव के टेल तक गई है। शाम नहर में पानी का दबाव होने के कारण ककरैत गांव के समीप तटबंध टूट गया। पानी ओवर फ्लो होने से ककरैत, करौती, गढ़वा आदि गांव के किसानों की पचास एकड़ से अधिक गेहूं की फसल जलमग्न हो गई।

इससे इलाके में बोई गयी चना, मसूर, मटर, सरसों, अरहर आदि फसल के खेतों में भी पानी भर गया। इससे किसानों को फसल के नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है।

किसानों ने अधिकारियों व ठेकेदारों पर आरोप लगाया कि प्रतिवर्ष नहर का तटबंध टूटने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन विभाग को किसानों की समस्या से कोई लेना देना नहीं है। प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी तटबंध को दुरूस्त नहीं किया जाता है। किसानों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है।