प्रमोशन पाने के लिए मास्टर साहब को लगाना होगा एड़ी चोटी का जोर, तब मिलेगा मौका

चंदौली जिले के परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को अब प्रमोशन पाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना होगा। इसके लिए उन्हें अब मेहनत करके अंक जुटाने होंगे। शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय आख्या अब कार्पोरेट की तर्ज पर लिखी जाएगी। पहले शिक्षक खुद अपना मूल्यांकन करेंगे। इसके बाद अधिकारी उन्हें दो स्तर पर अंक देंगे। शिक्षकों को नंबर देने के लिए मानक तय कर दिए गए हैं। अगले शैक्षिक सत्र से नई व्यवस्था लागू होगी।

बेसिक शिक्षा महानिदेशक ने शिक्षकों की सालाना गोपनीय रिपोर्ट मंगाने की योजना बनाई है। विभागीय अधिकारी शिक्षकों के योगदान के अनुसार उन्हें अंक देंगे। यही प्रधानाध्यापकों व सहायक अध्यापकों के प्रमोशन का आधार बनेगा। आपरेशन कायाकल्प, दीक्षा पोर्टल का उपयोग, लर्निंग आउटकम की अंतिम परीक्षा में शिक्षक की ओर से पढ़ाए गए विषय में बच्चों का ग्रेड, छात्रों की ओर से पुस्तकालय का उपयोग समेत अन्य बिदुओं पर योगदान की समीक्षा होगी।

आपको बता दें कि प्रधानाध्यापक व अध्यापक 15 अप्रैल तक मानव संपदा पोर्टल पर अपना स्वमूल्यांकन करेंगे। 15 मई तक बीईओ इनका मूल्यांकन कर रिपोर्ट दाखिल करेंगे। बीएसए 31 मई तक आख्या शासन को भेजेंगे।

इसके लिए सहायक अध्यापक की ओर से पढ़ाए गए विषय में छात्र की ओर से ए प्लस ग्रेड प्राप्त करने पर 20 अंक, ए ग्रेड पर 16, बी ग्रेड 12, सी ग्रेड आठ और डी ग्रेड पाने पर चार अंक मिलेंगे। यदि पूरी कक्षा के 75 फीसद छात्र परीक्षा में ए प्लस अथवा ए ग्रेड पाते हैं तो मूल्यांकन में शिक्षक को पूरे 20 अंक दिए जाएंगे।

इसी प्रकार एसएमसी की बैठक में नियमित प्रतिभाग करने पर 10 अंक, छात्रों की ओर से पुस्तकालय प्रयोग पर 10, शिक्षण संग्रह माड्यूल का नियमित उपयोग करने पर 10, सभी 14 अवस्थापना सुविधाएं होने पर 10 अंक अथवा न होने पर शून्य, विद्यालय में छात्रों की 60 से 80 फीसद उपस्थिति पर पांच, 80 फीसद से अधिक उपस्थिति पर 10, डिजिटल शिक्षा सामग्री के प्रयोग पर 10, शत-प्रतिशत छात्रों में रिजल्ट कार्ड वितरित करने पर 10, आउट आफ स्कूल बच्चों का सर्वेक्षण व नामांकन कराने पर 10, शिक्षकों की स्कूल में 60 से 80 फीसद उपस्थिति पर पांच और 80 फीसद से अधिक होने पर 10 अंक दिए जाएंगे।

मामले की जानकारी देते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शासन ने शिक्षकों के मूल्यांकन को लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं। नए शैक्षिक सत्र से यह व्यवस्था लागू होगी। ऐसे में शिक्षक मानक के अनुरूप ईमानदारी के साथ दायित्व निभाएं, ताकि उनको प्रमोशन मिलने में कोई परेशानी न हो।