चंदौली जिले में अंत्योदय और पात्र गृहस्थी के 3.50 लाख कार्डधारकों को इस माह मुफ्त चना नहीं मिलने वाला है। खाद्य एवं रसद विभाग से प्रदेश में इसकी आपूर्ति नहीं होने की उम्मीद देखकर ऐसी संभावना जतायी जा रही है। हालांकि इसको अगले माह इसे जोड़कर देने की बात भी कही जा रही है।

सरकारी सिस्टम से घोषणा व समय पर सामान न दिए जाने से कार्डधारक राशन की दुकानों पर आए दिन हो हल्ला मचा रहे हैं तो वहीं इसको लेकर कोटेदारों व कार्डधारकों में किचकिच भी हो रही है।

कोरोना संक्रमण के मद्देनजर सरकार ने राशन कार्डधारकों को नवंबर तक महीने में एक बार मुफ्त चना और चावल देने की घोषणा की थी। तीन महीने तक इसका लाभ मिला, लेकिन जुलाई माह से सरकार ने इस पर रोक लगा दी। प्रति कार्ड एक किलो चना वितरण इस माह बंद कर दिया गया है। जबकि मुफ्त चावल की जगह जुलाई माह से प्रति यूनिट पांच किलो अनाज में तीन किलो चावल और दो किलो गेहूं दिया जाएगा। नई व्यवस्था से कार्डधारकों में दुविधा के साथ साथ नाराजगी भी देखी जा रही है।

चंदौली जिले के 3.50 लाख कार्डधारकों के लिए सरकार ने हर महीने एक किलो चना मुफ्त देने की घोषणा की है। इस तरह जिले में हर महीने 3400 एमटी चना आता है। जुलाई माह में सरकार ने चने का आवंटन नहीं किया। इससे इस बार चना का वितरण नहीं होगा।

चंदौली जिले में 52,495 अंत्योदय और दो लाख 98 हजार पात्र गृहस्थी के राशन कार्डधारक हैं। अंत्योदय कार्डों पर 35 किलो मुफ्त राशन मिलता है। जबकि पात्र गृहस्थी पर प्रति यूनिट पांच किलो अनाज में तीन किलो चावल व दो किलो गेहूं दिया जाता है। इसमें दो रुपये किलो गेहूं व तीन रुपये किलो चावल मिलता है।

हालांकि संक्रमण काल में सरकार ने महीने में एक बार अंत्योदय कार्डों पर 15 किलो गेहूं व 20 किलो चावल और पात्र गृहस्थी कार्डों पर तीन किलो चावल व दो किलो गेहूं मुफ्त देने की घोषणा की है।

चंदौली जिले के जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अनूप श्रीवास्तव का कहना है कि इस माह चना का आवंटन नहीं हो सका। मुफ्त चावल में भी सरकार ने गेहूं और चावल दोनों मिलाकर देने का निर्देश दिया है। इस माह का चना अगस्त महीने में मिलेगा। ऐसा निर्देश मिल चुका है।