वोटरलिस्ट के फर्जीवाड़े में कार्रवाई के नाम पर केवल हो रही खानापूर्ति, असली जगह पर कोई एक्शन नहीं

चंदौली जिले में वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने व काटने की खेल में सन लिप्त लोगों को जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है ।जबकि मामले में संदिग्ध लोग आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। जिला प्रशासन जांच के नाम पर जिला निर्वाचन कार्यालय के एक कमरे को सील कर खानापूर्ति का काम करने में जुट गई है।

बताते चलें कि जनपद में पंचायत चुनाव को लेकर पहले से ही गहमागहमी चली आ रही है। उसके बावजूद कुछ लोग वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और नाम काटने का कारनामा कर रहे थे जिसका ऑडियो वायरल होने के बाद पोल खुल गया ।

जिसमें सदर तहसील प्रशासन के एसडीएम, तहसीलदार व बीएलओ तथा पर्यवेक्षक के साथ-साथ सफाई कर्मी के नाम उजागर हुए और जिला निर्वाचन कार्यालय का भी नाम आ रहा है। जिसमे जिला निर्वाचन कार्यालय के एक कमरे को सील कर कार्यवाही की जा रही है । जबकि जहां से यह खेल जारी हुआ है वहां के कार्यालय व अधिकारियों की कोई जांच नहीं हो रही है । जिस पर जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी ने कार्यवाही असंतोष व्यक्त किया है।

क्योंकि जिनका नाम इस खेल में वायरल हो रहा है उन्हीं अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की जा रही है। तो कहीं ना कहीं अधिकारी अपने लोगों को बचाने का ही कार्य करेंगे । जो स्पष्ट भी हो रहा है कि 17 लोगों के नाम काटने की जगह पर 73 लोगों का नाम काटा गया है ।

इस संबंध में सदर तहसील कार्यालय द्वारा बता दिया गया है यह भी लग रहा है कि जिला निर्वाचन कार्यालय को सील किया गया है लेकिन जहां तथ्यों से छेड़छाड़ हो सकती है । उस कार्यालय में अभी कार्य हो रहे हैं तो ऐसे में क्या न्याय पूर्ण जांच हो सकती है ।