चंदौली जिले में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के इलाज में मानक का पालन न करने वाले 25 अस्पतालों को नोटिस जारी की गई है। अब इनका भुगतान रोकने के साथ साथ अन्य कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है।

बताया जा रहा है कि इन चिकित्सालयों में लाभार्थियों को आइसीयू में भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। इसके बदले पैसे की डिमांड हो रही थी। शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। गाइडलाइन के उल्लंघन पर अस्पतालों का भुगतान रोकने की चेतावनी दी है। इससे अस्पताल संचालकों में खलबली मची है।

आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के इलाज को जिले में सरकारी व निजी अस्पतालों का चयन किया गया है। योजना के तहत 650 से अधिक बीमारियों के मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान की जाती है। लेकिन आइसीयू अथवा अन्य सुविधाएं नहीं दी जातीं। लेकिन जिले के चयनित निजी व सरकारी अस्पतालों में गाइडलाइन का सीधे तौर पर उल्लंघन किया जा रहा। स्थिति यह है कि रोगियों को अस्पताल में भर्ती करने के बाद आइसीयू में शिफ्ट कर दिया जाता है। इलाज के बदले पैसे की डिमांड की जाती है।

बताया जा रहा है कि मरीजों के पास आयुष्मान भारत योजना का गोल्डेन कार्ड होने के बावजूद इलाज के लिए जेबें ढीली करनी पड़ती हैं। मरीजों व तीमारदारों ने इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से की। इस पर सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।मानक की अनदेखी करने वाले चिकित्सालयों का भुगतान रोकने की चेतावनी दी है।