पश्चिमी वाहिनी बलुआ गंगा घाट पर उमड़ने लगी डुबकी लगाने वालों की भीड़, दान-पुण्य का सिलसिला जारी, देखे तस्वीरे

चंदौली जिले के पश्चिमी वाहिनी बलुआ गंगा घाट पर आज मौनी अमावस्या पर आस्था का सैलाब उमड़ेगा। हजारों की संख्या में स्नानार्थी मोक्षदायिनी गंगा में डुबकी लगाना शुरू कर दिया है। स्नान-ध्यान के साथ ही घाट पर दानपुण्य भी कर रहे हैं।

स्नानार्थियों की अपार भीड़ के मद्देनजर प्रशासन की ओर से चाक चौबंद व्यवस्था की गई है। गंगा घाट पर बैरेकेटिंग के साथ अस्थायी शौचालय, चेनिंग रूम व सहायता केंद्र बनाया गया है। साथ ही पुलिस के अलावा एनडीआरएफ व गोताखारों की टीम भी मुस्तैद है।

आपको बता दें कि एसपी अमित कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने शाम घाट का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया था, ताकि यहां किसी तरह की अव्यवस्था न रहे।

बलुआ गंगा तट पर मौनी अमावस्या पर हर साल हजारों की संख्या में स्नानार्थियों की भीड़ उमड़ती है। इस बार भी पूर्वांचल समेत बिहार के समीपवर्ती जिलों से अलसुबह से ही गंगा स्नान को श्रद्धालुओं के आने का क्रम शुरू हो जाएगा। भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा की दृष्टि से घाट से कुछ ही दूरी पर गंगा नदी में बांस-बल्ली व रस्सी से बैरेकेटिंग की गई हैं। स्नानार्थियों को बैरेकेटिंग से आगे स्नान करने की छूट नहीं दी जाएगी। वहीं बलुआ बाजार से घाट तक जाने वाले रास्ते में भी आने व जाने के लिए बल्ली लगाकर बैरिकेटिंग किया गया है ।

बलुआ पुल, सराय टेढ़का पुल, चहनियां बिजली उपकेंद्र, कैथी आदि स्थानों पर बैरिकेटिंग लगाकर पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई हैं। स्नानार्थियों की सुविधा के लिए जगह-जगह रैनबसेरा व पानी के टैंकर उपलब्ध रहेंगे। घाट से लेकर चहनियां बाजार तक लाइट की व्यवस्था की गई है।

गंगा नदी के तट पर तहसील सकलडीहा के दक्षिणी भाग में जहां गंगा पूरब से पश्चिम की दिशा में बहती है। हिंदुओं के लिए यहां मौनी अमावस्या सहित अन्य बड़े धार्मिक पर्वों पर मेले का आयोजन हर साल किया जाता है। मौनी अमावस्या पर लगने वाले मेले का खास महत्व है, जिसे “पश्चिम वाहिनी मेला” कहा जाता है। इस दिन यहां लोग आस्था की डुबकी लगाते हैं।

गंगा स्नान के एक दिन पूर्व एसपी अमित कुमार, एएसपी प्रेमचंद, सकलडीहा एसडीएम प्रदीप कुमार, तहसीलदार डा. वंदना मिश्रा, बलुआ थाना प्रभारी सूर्यप्रताप सिंहने भ्रमण कर निरीक्षण किया।

इस दौरान थाना प्रभारी सूर्यप्रताप सिंह ने कहा कि कोई भी दुर्व्यवस्था व अराजकता फैलाते हुए पकड़ा गया, तो खैर नहीं हैं। गंगा घाट से लेकर मेला स्थल तक पुलिस की ड्यूटी रहेगी।