चंदौली में करिए मोती की खेती, लीजिए मत्स्य पालन विभाग की ओर मदद

चंदौली जिले के मत्स्य पालन विभाग की ओर से शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र सभागार में प्रशिक्षण का आयोजन हुआ। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अधिकारियों ने किसानों को विभाग से संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही अच्छी आय कमाने के लिए मोती की खेती करने के लिए प्रेरित किया और खेतों में तालाब की खोदाई कराकर मछली पालन करने की सलाह दी, ताकि ज्यादा से ज्यादा आय पा सकें।

जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने कहा कि किसानों को धान व गेहूं की परंपरागत खेती के साथ ही मत्स्य पालन, पशुपालन भी करना चाहिए। इससे अतिरिक्त आय होगी। सरकार किसानों के हित में तमाम योजनाएं संचालित कर रही है। तालाब की खोदाई कराकर मछली पालन करें। इसके लिए अनुदान और दुर्घटना बीमा का लाभ भी मिल रहा है।

इस मौके पर सहायक निदेशक मत्स्य ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के बाबत विस्तार से जानकारी दी। बताया पीएम ने मत्स्य पालकों के हित में योजना की शुरूआत की है। इसके लिए आवेदन किया जा सकता है।

उद्यान उपायुक्त नन्हेलाल वर्मा ने बागवानी की खेती व मधुमक्खी पालन के लिए किसानों को प्रेरित किया। कहा, बागवानी की खेती पर किसानों को अच्छा-खासा अनुदान मिल रहा है। मधुमक्खी पालन किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इस पर सरकार की ओर से 80 फीसद तक अनुदान की व्यवस्था की गई है। विभाग की ओर से जनपद में जगह-जगह शिविर लगाकर योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। किसानों को खेती में विविधीकरण लाने की जरूरत है।

रोहित आनंद पाठक ने मोती की खेती के बारे में अनुभव साझा किए। प्रोजेक्टर के जरिए एक घंटे का प्रजेंटेशन देकर मोती की खेती की उन्नत तकनीक से अवगत कराया। साथ ही इसके बाजार और आय के बारे में भी किसानों को जानकारी दी। मोहित आनंद पाठक, श्वेतांक पाठक मौजूद थे।