राम कथा पंडाल तपोभूमि से कम नहीं, सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय होना चाहिए लक्ष्य

चंदौली जिले के शहाबगंज क्षेत्र के अमांव गांव में बाबा मुरलीधर श्रीरामचरितमानस सेवा समिति द्वारा चल रभहे नव दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के पांचवें दिन कथा व्यास श्री रामानुज शरण शास्त्री जी ने बताया भगवान श्री राम की कथा सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय है । प्रभु के गुनानुवाद से उनके भजन से उनकी कथा से प्राणी मात्र के पाप ताप संताप समाप्त हो जाते हैं। इसलिए हमें भगवान की कथा प्रेम पूर्वक सुननी चाहिए और उसे ह्रदयंगम करना चाहिए।

भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन चरित्र से हमे सीख लेनी चाहिए जो सर्व शक्तिमान होने के बाद भी नर लीला में हमे संदेश देते हैं, हमे व्यवहारिक जगत में किससे कैसा व्यवहार करना चाहिए ताकि समाज में आपसी सामंजस्य बना रहे और भाईचारा के बनाकर रहना चाहिए। भगवान राम के जीवन काल में बहुत सी कठिनाइयां का सामना करना पड़ा, लेकिन वे अपने ईमान पर टिके रहे। वैसे ही मनुष्य को रहना चाहिए।

इस अवसर पर अरविंद सिंह , सतीश गुप्ता, जमालुद्दीन ,सियाराम ,संजय चौहान, अमित चौहान ,प्रीति ,सावित्री श्वेता, इस नेहा,कालिंदी ,रेखा, रुक मीना ,सोनी आदि भक्तगण उपस्थित रहे।