नौगढ़ में भाजपा की किसान विरोधी नीति पर जमकर बोले पूर्व सांसद राम किशुन यादव, तबाही की ओर ले जा रही सरकार

चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में देवरा गांव के दिवंगत पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह यादव की तेरही में भाग लेने आए समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद राम किशुन यादव ने किसानाें के बीच समाजवादी सरकार की उपलब्धियों व कृषि बिलों पर चर्चा करते हुए किसानों को भाजपा राज में होने वाली तमाम परेशानियों के बारे में बताया। पूर्व सांसद राम किशुन नवर्दापुर गांव में दिवंगत मोहन सिंह यादव के परिजनों से भी मिलकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दिया।

नौगढ़ में वीरेंद्र प्रताप सिंह के आवास पर पूर्व सांसद रामकिशन यादव ने कहा कि भाजपा किसानों को तबाह करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। उसकी नीतियों में किसानों के लिए कोई स्थान नहीं है। अब जमीदारी और तालुकदारी प्रथा के जरिए मुट्ठी भर लोगों को खेती करने का अधिकार भाजपा सरकार देने जा रही है ।

बड़े-बड़े उद्योगपति अपने कारिंदो से खेती करायेंगे। उन्होंने कहा कि देश का किसान ठंड में 50 दिन से धरने पर है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। भाजपा सरकार किसानों को फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी देने को तैयार नहीं है। किसानों से बातचीत करने पर मालूम हुआ है कि नौगढ़ और सोनभद्र में ₹1300 में भी कोई धान खरीदने वाला नहीं है।

मनमाने ढंग से कटौती हो रही है। किसानों का खेती पर स्वामित्व भी खतरे में पड़ने वाला है। भाजपा सरकार कांटेक्ट खेती के नाम पर किसानों का खेत छीनने की साजिश कर रही है। किसान की फसल बड़े सेठों के मनमर्जी के दामों पर लूटने का प्रबंध किया जा रहा है। भाजपा ने किसानों से जो वादे किए थे वे पूरे नहीं हुए। न तो किसानों को लागत का ड्योढ़ा दाम मिला, नहीं उनकी आय दुगनी होने के आसार हैं।

पूर्व सांसद ने कहा कि पहले विदेशों में भारत सोने की चिड़िया है इस बारे में चर्चा होती थी। भारत को सोने की चिड़िया किसानों ने पुरुषार्थ करके बनाया था आज उन किसानों को भाजपा ने बर्बाद करके धकेलने का काम किया है भाजपा सरकार ने जो नए तीन कृषि कानून बनाए हैं, उनसे किसान बर्बाद हो जाएंगे। यह किसान के पक्ष में तो कतई नहीं है। इससे आक्रोशित किसानों को सरकार बदनाम करने पर तुल गई है।

वह उन्हें आतंकवादी या विपक्ष के इशारे पर आंदोलनकारी बता रही है। इस दौरान एससी एसटी प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव त्रिवेणी खरवार, जिला उपाध्यक्ष राजनाथ सिंह यादव, भरत यादव, सत्यनारायण यादव, नरसिंह यादव, रामवृक्ष यादव, मल्लिका सिंह, पी एन सिंह, रघुनाथ यादव समेत अन्य क्षेत्र के किसान और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे