कहते हैं कि ‘पर उपदेश कुशल बहुतेरे’ यह बात आजकल चंदौली पुलिस पर काफी सटीक बैठती है। दूसरों को सुरक्षित रहने का संदेश देकर वाहन सवारों का चालान करने वाली सकलडीहा कोतवाली पुलिस का सच देखेंगे तो आपको अपने आप भी पता चल जाएगा। कई लोगों ने इस देखा होगा, जिसने नहीं देखा उसे दिखा रहे हैं और उसको जिले के पुलिस अधीक्षक से पूछने के लिए कह रहे हैं कि क्या वह इन पुलिसकर्मियों का चालान कटवाएंगे।

चंदौली जिले की सकलडीहा कोतवाली इलाके में शुक्रवार को आगामी पर्व बकरीद एवं रक्षाबंधन के दृष्टिगत जनता में सुरक्षा की भावना जागृत करने के उद्देश्य से सड़क पर जुलूस की शक्ल मे निकले पुलिसकर्मियों ने खुद असुरक्षित होकर बाइक जुलूस निकालने लगे। लोगों को जागरूक करने के साहब के फरमान के पालन में यातायात के नियमों का पालन करना भूल गए।

यातायात नियम के तहत मोटरसाइकिल पर सवार दोनों व्यक्तियों को हेलमेट अनिवार्य है, तो वहीं चार पहिया वाहन में बैठे लोगों को सीट बेल्ट अनिवार्य रुप से लगाना है। परंतु इस नियम को सकलडीहा कोतवाली पुलिस ने तार तार कर दिया है। एक बाइक पर दो पुलिस कर्मी बगैर हेलमेट के सवारी कर रहे थे। तो वहीं कार सवार पुलिस कर्मी बगैर सीट बेल्ट लगाए सड़कों पर फर्राटा भर रहे थे। जिन्हें देख यह प्रश्न बना हुआ था कि आखिर इनका चालान कौन करेगा।

लोग कह रहे थे यही पुलिसकर्मी सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के विभिन्न गांवों की पगडंडियों पर पहुंचकर बगैर हेलमेट लगाए किसानों का भी चालान करते रहे हैं। जो किसान बाइक पर उर्वरक की बोरियां लिए खेतों पर जा रहे है उनके लिए भी मुसीबत बने हुए थे।

सकलडीहा पुलिस के इस कारनामे से किसानों ने सवाल पूछना शुरू कर दिया है कि कोतवाल साहब, सीओ साहब व एसपी साहब कब कार्रवाई करेंगे।

जुलूस में बगैर हेलमेट कोतवाली के निरंजन दीवान, अजय कुमार यादव तथा बिना सीट बेल्ट के चार पहिया वाहन में सवार दरोगा रमेश प्रताप सिंह, बाबूराम यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे हैं।

अब सबकी निगाह एसपी चंदौली की ओर है कि वह इस खबर व फोटो को देखकर क्या फैसला करते हैं और कैसी कार्रवाई करते हैं…?