देखें वीडियो : आखिर नौगढ़ में क्यों जलाया जा रहा है जंगल, कौन लगा रहा है आग

चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में इस समय जंगलों में आग लगा दिए जाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जिसे बुझाने में वनविभाग के अफसरों का पसीना छूट रहा है। गर्मी की तपिश बढ़ने के साथ जंगलों में आग की लपटें भी तेज हो रही है। जंगलों से आच्छादित काशी वन्यजीव प्रभाग रामनगर के हरेक वन क्षेत्र में आग की लपटें बढ़ने लगी हैं।

आपको बता दें कि महुआ के फूल चुनने की कवायत शुरु होने के साथ ही जंगलों में पतझड़ से गिरे सूखे पत्तों में गांव के लोगों द्वारा आग लगा दी जाती है।

हालांकि वन विभाग के वन क्षेत्राधिकारी रिजवान अली खान का कहना है कि ग्रामीणों को जागरुक करने की जरुरत है और सभी क्षेत्रों में महुआ के पेड़ों को संख्याबद्ध किया जायेगा तभी जंगल में आग लगने की घटना पर लगाम लग सकेगा।

काशी वन्यजीव प्रभाग रामनगर के अंतर्गत चकिया, नौगढ़ दो उप वन प्रभाग है। तकरीबन आधे भूभाग में जंगल है लेकिन अप्रैल एवं मई महीनों में जंगलों में भीषण आग की लपटें दिखती है। यह सिलसिला वर्षों से बदस्तूर जारी है।

हालांकि वन विभाग के अधिकारियों की अपनी दलीलें हैं लेकिन सच्चाई है कि जंगलों में आग लगने से पेड़-पौधे तो नष्ट होते ही हैं इसके साथ- साथ वन्य जीवों के वासस्धलों पर भी असर पड़ता है. लेकिन वन विभाग आज भी दावा कर रहा है कि गांव के लोगों को जागरुक किया जायेगा। आज तक जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के कोई ठोस उपाय नहीं किए गये हैं।

प्रभागीय निदेशक दिनेश सिंह का कहना है कि जंगलों में आग लगने का मुख्य कारण महुआ का पेड़ ही है। उन्होंने कहा कि वन समितियों को जागरुक किया जा रहा है ताकि जंगलों में लगी आग पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके। आग पर रोकथाम के लिए वन विभाग द्वारा टीम का गठन भी किया गया है।