त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर जल्द आएगा फैसला, ऐसा है सरकार का प्लान

चंदौली जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण की चक्रानुक्रम प्रणाली लागू हो अथवा आरक्षण को शून्य कर दिया जाए, ग्राम पंचायतों में सियासी गणित बदलना तय है। ऐसा इसलिए कि 2011 की जनगणना के अनुसार पिछले चुनाव में अस्तित्व में आई जिले की 32 नई ग्राम पंचायतों के आरक्षण का फैसला होना है। शासन के निर्देश पर पंचायत राज विभाग आबादी का डाटा ग्राम पंचायतवार शासन को भेज रहा है। ऐसे में प्रत्याशियों की बेकरारी बढ़ गई है।

जिले में पहले 702 ग्राम पंचायतें थीं। 2011 की जनगणना के अनुसार आबादी के साथ ग्राम पंचायतें भी बढ़ीं। जनपद में 32 नई ग्राम पंचायतें बनीं। इनमें अधिकांश अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रहीं। इस बार पंचायत चुनाव में इन ग्राम पंचायतों में पदों का आरक्षण बदलेगा। वहीं अन्य ग्राम पंचायतों में भी चक्रानुक्रम के अनुसार ग्राम प्रधान पद का आरक्षण परिवर्तित होगा। इसको लेकर अभी तक शासन से कोई गाइडलाइन नहीं आई है। हालांकि जिला प्रशासन से आबादी का आंकड़ा मांगा गया है।

एडीओ पंचायत को सचिवों के जरिए आंकड़ा जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आबादी का ब्योरा डीपीआरओ दफ्तर से शासन को भेजा जा रहा है।जिला पंचायत राज अधिकारी ब्रह्मचारी दुबे ने बताया कि शासन स्तर से आरक्षण तय होगा। इसको लेकर आबादी का डाटा शासन को भेजा जा रहा है।

जिले में 2015 से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत की 35 व क्षेत्र पंचायत की 868 सीटों पर आरक्षण शून्य था। शासन ने इसकी रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में इस बार पंचायत चुनाव में इन पदों के आरक्षण को चक्रानुक्रम प्रणाली लागू की जा सकती है। आरक्षण को लेकर शासन स्तर से ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। हालांकि जिले से भेजी गई रिपोर्ट ही इसके लिए मुख्य आधार बनेगी। इसलिए उम्मीदवार हाथ-पांव मारने लगे हैं।

15 फरवरी के बाद जारी हो सकती है अधिसूचना

निर्वाचन आयोग की ओर से 15 फरवरी के बाद अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। अप्रैल और मई माह में पंचायत चुनाव संपन्न होंगे। इसको लेकर निर्वाचन विभाग तैयारी में जुटा है। मतदाता सूची के लिए आने वाले दावा और आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। 22 जनवरी को निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।