शहीद स्मारक पर सपा का झंडा फहराने के लिए सुशील सिंह कराएंगे FIR, मनोज सिंह ने मांगी माफी

कांसेप्ट फोटो

 चंदौली जिले के सकलडीहा क्षेत्र में वैसे अगर देखा जाय तो अगस्त क्रांति के दौरान 16 अगस्त 1942 को धानापुर कांड में शहीद हुए अमर सेनानियों की स्मृति में निर्मित शहीद स्मारक पर जहां हर साल स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहरता है। वहीं सपाइयों ने रविवार को पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर सपा का झंडा फहरा दिया। इसकी जानकारी होने पर भाजपा समेत अन्य सामाजिक संगठनों ने कड़े शब्दों में निंदा की है।

आपको बता दें कि सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू समेत सपाइयों ने रविवार को धानापुर शहीद पार्क में रविवार को मुलायम सिंह यादव का जन्मदिन आयोजित किया। दर्जनों की संख्या में सपाइयों उत्साह व उमंग में शहीद स्मारक पर तिरंगा फहराने की जगह समाजवादी पार्टी का झंडा फहरा दिया। 

सपाइयों की इस हरकत की भाजपा व अन्य दलों ने निंदा की है। भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष राजेश सिंह ने कहा कि अयोध्या में कार सेवकों पर बर्बर गोलियां बरसाने वाले तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का जन्मदिन शहीद स्मारक में मनाकर सपाइयों ने स्वातंर्त्य वीरों व अमर शहीदों का अपमान किया है। इसे शहीदों के वंशज किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं करेंगे।

 समिति ने भी पूछे सवाल

स्वतंत्रता संग्राम शहीद स्मारक समिति के अध्यक्ष डॉ नरेंद्रदेव शर्मा और महामंत्री डॉ पीसी ने मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर शहीद स्मारक परिसर में राष्ट्रीय ध्वज की जगह समाजवादी पार्टी के झंडा को फहराए जाने पर सवाल खड़ा करते हुए इसकी कड़े शब्दों में भर्त्सना की। आरोप लगाया कि सपाइयों ने नेताजी के सामान्य रूप से जन्मदिन मनाए जाने के उपलक्ष्य में परिसर की चाभी मांगी थी। समिति को आश्वस्त किया था कि वे लोग कार्यक्रम से पूर्व राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। यह गलत ही नहीं निंदनीय भी है।

 भाजपा विधायक सुशील सिंह बोले

शहीद स्मारक प्रांगण में सपा का झंडा फहराना अमर शहीदों का अपमान है। सपा ने अपने चाल-चरित्र के अनुरूप जो अपराध किया है, इसके लिए कदापि क्षमा नहीं किया जा सकता है। ऐसे लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराया जाएगा। 

मनोज सिंह डब्लू ने मांगी माफी

समाजवादी पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में झंडारोहण करने की परंपरा है। हमने उसी परंपरा का पालन करते हुए शहीद स्मारक में भी पार्टी का झंडारोहण किया। हमारी किसी के भी भावना को ठेस पहुंचाने की मंशा नहीं रही। इसके बावजूद यदि झंडा फहराने से शहीदों का अपमान माना जा रहा है, तो बिना शर्त माफी मांगते हैं।