पुलिस के साथ समाजवादी पार्टी के नेताओं की नोकझोंक, कई कार्यकर्ता घायल

चंदौली जिले में मोदी सरकार द्वारा पास किये गये किसान विरोधी बिल को वापस लेने को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने चकिया तिराहे पर धरना प्रदर्शन किया इस दौरान प्रशासन से जमकर तीखी नोकझोंक हुई । जिसमें लगभग एक दर्जन कार्यकर्ता चोटिल हो गए। हालांकि लगभग एक से डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने सभी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर मंडी समिति में बनाए गये अस्थाई जेल में लाकर बंद कर दिया।


बताते चले कि सरकार द्वारा किसानों के विरोध में पास किये गये बिल का विरोध देशभर में हो रहा है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश के समस्त जनपदों में किसान रैली निकालकर इसका विरोध दर्ज कराने का फरमान जारी होते ही दर्जनों की संख्या में सपा कार्यकर्ताओं ने चकिया तिराहे पर धरना व प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।

प्रदर्शन रोकने के लिए पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं में लगभग एक से डेढ़ घंटे तक तीखी नोकझोंक होने के बाद कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया । जिसमे सपा के जुझारू छात्र संघ के नेता घायल भी हो गये इसके बावजूद सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर पुलिस प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की । वही बिल वापसी को लेकर जमकर भड़ास निकाली गयी । इस दौरान खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के पूर्व सदस्य संतोष यादव व एलबीएस पीजी कॉलेज के पूर्व महामंत्री धीरज यादव धीरू व जीतेन्द्र यादव उर्फ़ जीतू घायल हो गए।

वही पुलिस की बर्वाता तब देखने को मिली जब सपा की महिला नेता राधा यादव को भी बिना महिला पुलिस के गिरफ्तार कर अस्थाई जेल लाया गया और वहां भी महिला पुलिस की व्यवस्था न होने पर राधा यादव ने पुलिस के द्वारा महिला सुरक्षा को लेकर सरकार के होने वाले दावे पर सवाल खड़ा कर दिया ।

इस मौके पर सपा नेता पूर्व ब्लाक प्रमुख बाबू लाल यादव ने सपा पार्टी के सुप्रीमो व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को उनके ही आवास में नजर बंद करने के मामले को लेकर कहा कि अभी तो वाराणसी में एमएलसी सीट पर सपा ने कब्ज़ा की है लेकिन यही रवैया रहा तो जल्द ही पुरे प्रदेश में सपा का राज्य होगा ।

इस दौरान जिले के महामंत्री नफीस अहमद, चकरु यादव, जितेंद्र यादव जीतू, चंद्रशेखर यादव , सुदामा यादव, प्रदीप यादव ,सुरेंद्र यादव, महेंद्र माही, सत्येंद्र यादव ,विकास आदि दर्जनों कार्यकर्ता यहाँ मौजूद रहे।