सरकारें चाहे जितनी अच्छी योजना बना लें, पर गैर जिम्मेदार लाभार्थी और बेइमान अफसरों के कारण योजना जमीन पर नहीं दिखती है, केवल कागजी रिपोर्ट चलती रहती है। कुछ ऐसा ही चंदौली जिले के नक्सल प्रभावित नौगढ़ इलाके में देखने को मिला है।

नौगढ़ ब्लाक के खण्ड विकास अधिकारी पवन कुमार सिंह ने पीएम आवास का धन हजम कर लेने वाले तीन सौ लाभार्थियों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। नाटिस आते नक्सल क्षेत्र के लाभार्थियों में हड़कंप मच गया। जांच में पाया गया कि आवास की पूरी रकम खाते से निकलने के बाद भी दर्जनों गांव में आवास का निर्माण नहीं किया गया।

बीडीओ ने चेताया 30 अप्रैल तक आवास की छत न पड़ने पर संबंधितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2016 के शुरुआती दौर में सचिवों के कारनामे से अपात्र भी आवासों के हकदार बन गए, जो उनके गले की हड्डी बन गए हैं।

ग्राम पंचायत मझगवां में लाभार्थियों की आईडी बदल कर प्रधानमंत्री आवास में खेल करने पर तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव सत्येंद्र कुमार श्रीवास्तव निलंबित हो चुके हैं। खंड विकास अधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए पंचायत सचिवों का अप्रैल का वेतन अवरुद्ध कर दिया। निलंबन की कार्रवाई के डर से कर्मचारी गांव में प्रधानमंत्री आवास की स्थलीय सत्यापन करने पहुंचे।

जानकारी लेने पर पता चला कि लाभार्थी गांव से बाहर खेत में गेहूं की कटाई करने गए हैं। जांच में कुछ आवासों का निर्माण कार्य आधा अधूरा मिला। ब्लाक नौगढ़ के 40 ग्राम पंचायतों में लाभार्थियों को आवास निर्माण की पहली किस्त 44000 रुपये व दूसरी किस्त 76000 रुपये और तीसरी किस्त रंगरोगन का 10 हजार रुपये खाते में भेजा गया। बैंक से पूरी रकम निकालने के बाद भी लगभग 300 लाभार्थियों ने पीएम आवास निर्माण कार्य अधूरा है। कई आवासों की नींव ही नहीं खोदी गई।